बरेली। परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार से प्रभावित बिजली आपूर्ति 72 घंटे बाद भी पूरी तरह सुचारु नहीं हो सकी है। जनरेटर के भरोसे चल रही कई यूनिटों में उत्पादन प्रभावित हो रहा है। जिला उद्योग बंधु की बैठक में शुक्रवार को उद्यमियों ने बिजली निगम के अफसरों को घेरा।
उद्यमियों के मुताबिक, बुधवार को परसाखेड़ा उपकेंद्र की 33 केवी लाइन में फाॅल्ट से पूरे औद्योगिक क्षेत्र की बिजली गुल हो गई थी। 24 घंटे बाद क्षेत्र की कुछ यूनिटों में बिजली आपूर्ति शुरू हुई, लेकिन ज्यादातर में अंधेरा रहा। बृहस्पतिवार देर रात तक लाइनमैन बिजली आपूर्ति ठीक करते रहे। शुक्रवार को भी करीब 25 फीसदी यूनिटों की बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। इससे करीब एक करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।
उद्यमियों ने कहा कि पूर्व में केंद्र पर नियमित जेई और संंबंधित स्टाफ की तैनाती थी जो तत्काल लाइन दुरुस्त करने में सक्षम थे। वर्तमान में जेई नहीं है। नए स्टाफ को फाॅल्ट और ट्रिपिंग सही करने में वक्त लगने से उत्पादन प्रभावित होता है। प्रभारी अधिकारी एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने मुख्यालय को पत्र भेजकर पुरानी व्यवस्था बहाली या जेई की नियमित तैनाती, स्टाफ की संख्या बढ़ाए जाने का आश्वासन दिया।
रिछा में भूमि न मिलने से फायर स्टेशन के निर्माण में अड़चन है। बैठक में प्रकरण उठने पर यूपीएसआईडीसी के अफसरों ने भूमि उपलब्ध कराने पर सहमति जताई। इसके अलावा रिछा के राइस मिलर्स की ओर से सड़क निर्माण का मामला उठाया गया। इस पर अधिकारियों ने टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी। सीबीगंज और परसाखेड़ा में नगर निगम की ओर से पिछले वर्ष बनाई गई सडक उखड़ने के मामले पर एडीएम सिटी ने जांच के निर्देश दिए। नाली सफाई, स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त कराने के निर्देश निगम को दिए। फरीदपुर हाईवे की खराब लाइटों की मरम्मत के निर्देश एनएचएआई को दिए गए।