बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में सोमवार को इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई। पहले दिन जेईई मेंस की रैंक के आधार पर 80 प्रवेशार्थियों ने दाखिला लिया। हालांकि, पूरी फीस जमा न कर पाने के कारण कई प्रवेशार्थियों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
प्रवेश प्रक्रिया सुबह नौ बजे ट्रेनिंग व प्लेसमेंट सेल में शुरू हुई। प्रवेश के लिए ट्रेनिंग व प्लेसमेंट सेल में भारी भीड़ जुटी थी। पहले घंटे में एक लाख से पांच लाख रैंक तक की काउंसलिंग हुई। बाद में आने वाले परीक्षार्थियों का नंबर स्वतः ही नीचे हो गया। पूरी फीस 84 हजार रुपये एक साथ जमा करना अनिवार्य था। कई अभिभावक इतनी राशि का तुरंत इंतजाम नहीं कर पाए। इसमें चार पड़ाव थे- टोकन लेना, काउंसिलिंग कराना, पूरी फीस 84 हजार रुपये जमा करना और सीट लॉक करना। कई प्रवेशार्थी सुबह नौ बजे से दोपहर ढाई बजे तक काउंसलिंग प्रक्रिया में उलझे रहे। अभिभावकों के सामने पूरी फीस एक साथ जमा करने की चुनौती थी। कई बीस से तीस हजार रुपये ही एडवांस भुगतान कर सके। ऐसे में उनकी सीट लॉक नहीं हो सकी और उन्हें वापस भेज दिया गया। बदायूं रोड की एक महिला अभ्यर्थी अपने पिता के साथ प्रवेश लेने पहुंची थीं। उनकी जेईई रैंक तीन लाख थी, लेकिन पिता केवल बीस हजार रुपये ही एडवांस दे पाए। पिता ने बताया कि उन्हें एजुकेशन लोन लेना था, पर बैंक से पत्राचार के लिए समय नहीं मिला।
12वीं और प्रदेश स्तर की रैंक से काउंसलिंग बाकी
एफईटी की डीन अर्चना गुप्ता ने बताया कि सोमवार शाम पांच बजे तक 80 प्रवेशार्थियों ने दाखिला लिया। उन्होंने कहा कि जो पूरी फीस नहीं दे सके, उन्हें वापस कर दिया गया। अभी 12वीं और प्रदेश स्तर की रैंक से काउंसलिंग बाकी है। सर्वाधिक प्रवेश कंप्यूटर साइंस में हुए। इसके बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में दाखिले हुए। मंगलवार को 12वीं की मेरिट पर प्रवेश काउंसिलिंग जारी रहेगी।