बरेली। देश में एक बड़े आंदोलन की आवश्यकता है। इसका उद्देश्य एक मंदिर, एक श्मशान और एक जलाशय सबके लिए होना चाहिए। इससे भेदभाव मिटाने में मदद मिलेगी। ये बातें एबीवीपी ब्रज प्रांत के 65वें प्रांत अधिवेशन के समापन समारोह में बृहस्पतिवार को मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक धर्मेंद्र ने कहीं।
उन्होंने अपने उद्धबोधन में पांच परिवर्तनों की संघ परिकल्पना के बारे में बताया। कहा कि सामाजिक चेतना एक विशेष आदर्श से प्रभावित होती है और लोगो में उस आदर्श के कारण नव जागरण पैदा होता है, तभी सामाजिक जागरूकता संभव होती है। मैं भावना से ऊपर उठकर हम की भावना को जागृत करने की आवश्यकता है। इसके बिना राष्ट्र पुर्ननिर्माण की संकल्पना को पूर्ण कर पाना असंभव है।
इसके साथ ही परिषद की ओर से मांग करते हुए अधिवेशन में तीन प्रस्तावों को सभी कार्यकर्ताओं के अनुमोदन के साथ पारित किया गया। इनमें एनईपी 2020 के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश की वर्तमान स्थिति, प्रदेश उद्यमिता और स्वरोजगार के क्षेत्र में सतत विकास की आवश्यकता व खाद्य पदार्थ में मिलावट एक गंभीर खतरा शामिल हैं। इस दौरान डॉ. भूपेंद्र सिंह, मनोज नीखरा, अंकित पटेल, अंशुल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
इनको मिली जिम्मेदारियां
कार्यक्रम में कार्यकारिणी की घोषणा भी की गई। इसमें प्रांत अध्यक्ष के पद पर सौरभ सेंगर, प्रांत उपाध्यक्ष के पद पर एसके राय, राम अवध यादव, डॉ. तेजवंत सिंह, डॉ. राजेश लावानिया, प्रांत मंत्री के पद पर अंकित पटेल को चुना गया। प्रांत सहमंत्री पुनीत कुमार, जतिन भारती, रचित शर्मा, खुशी सिंह, पायल, प्रांत कार्यालय मंत्री सिद्धार्थ उपाध्याय, प्रांत सचिवालय सचिव अभिषेक मौर्य बने। प्रांत कोषाध्यक्ष के पद पर अमित सिंघल, प्रांत छात्र कार्य प्रमुख के पद पर प्रिया शर्मा, प्रांत संपर्क प्रमुख के पद पर बीके अग्रवाल, प्रांत शोध कार्य संयोजक के पद पर मनमोहन को चुना गया।