बरेली। नगर निगम शहर को स्मार्ट बनाने के लिए प्रयासरत है, पर जब तक नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलेंगी, यह मुमकिन नहीं। रोजगार के लिए कारोबार, उद्योगों का विस्तार जरूरी है। समस्याओं से निजात मिले तो उद्यमी भी सहयोग करेंगे।
सेंट्रल यूपी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री सोसाइटी द्वारा बृहस्पतिवार को शहर के एक होटल में आयोजित परिचर्चा के दौरान उद्यमियों और शहर के प्रमुख नागरिकों ने यें बातें कहीं। समस्याओं में टैक्स गणना की अड़चन, बंद इकाइयों पर टैक्स छूट, जीपीएस फोटो से मूल एरिया में अंतर, खाली, नॉन टैक्सेबल एरिया में छूट न मिलना, नगर निगम से लाइसेंस मिलने में समय लगना, भवन की आयु के अनुसार छूट गणना, संपत्ति कर गणना की पूरी विधि साइट पर न होने, प्रॉपर्टी के म्यूटेशन, नाम परिवर्तन आदि के लिए कई बार कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसमें कई बार नियमों की जानकारी न होने से लोग परेशान होते हैं। संस्था अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा कि संगठन के सदस्यों की समस्याओं के निराकरण के लिए ही परिचर्चा आयोजित की गई है।
शहर को नंबर-1 बनाने में जनसहभागिता जरूरी
मुख्य अतिथि नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, विशिष्ट अतिथि अपर नगर आयुक्त सुनील कुमार यादव, उपायुक्त उद्योग विकास यादव रहे। अधिकारियों ने शहर के विकास के लिए जन सहभागिता पर जोर दिया। कहा कि जो मुद्दे बैठक में उठे, उनकी सूची बना ली गई है। सप्ताह भर में निस्तारण कराया जाएगा। ओटीएस स्कीम संचालन पर विचार करने की बात कही। नववर्ष-2025 के उपलक्ष्य में गीत-संगीत की महफिल सजी। कार्यक्रम का संचालन संस्था सचिव राजेन विद्यार्थी ने किया। इस दौरान श्याम सिंह राठौर, एसके अग्रवाल, अमित महर्षि, संगठन के पूर्व अध्यक्ष विक्रम भार्गव, आदित्य मूर्ति, डॉ. मनीष शर्मा, सुनीत मूना, मेहताब अहमद खान व अन्य मौजूद रहे।