बरेली। सुपरविजन चार्ज देकर विद्युतीकरण पर रोक लगा दी गई है। अब चार्ज लेकर अधिशासी अभियंता एस्टीमेट नहीं बनाएंगे। यह फैसला भंडार की बिजली सामग्री की खपत न होने के चलते लिया गया है।
मध्यांचल निगम के निदेशक (तकनीकी ) हरीश बंसल ने बरेली समेत सभी जिलों के मुख्य अभियंता और अधिशासी अभियंताओं को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि भंडार में सामग्री उपलब्ध होने के बाद भी वितरण खंडों के अधिशासी अभियंता सुपरविजन शुल्क के एस्टीमेट बना रहे हैं। इससे भंडार की बिजली सामग्री की खपत नहीं हो पा रही है, निगम के भंडार में सामग्री का अब कोई अभाव नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी दशा में सुपरविजन चार्ज के एस्टीमेट न बनाएं।
दरअसल उद्यमी जब कोई विद्युतीकरण कराना चाहता है तो अवर अभियंता-एसडीई सर्वे करने के बाद विद्युतीकरण की लाइन, ट्रांसफार्मर, पोल आदि पर खर्च होने वाली रकम का एस्टीमेट बनाकर देता है। ।
मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने बताया कि इस आदेश के बाद अब सामान गुणवत्ताहीन नहीं लग सकेगा। लोकल सामग्री से जनहानि होने का खतरा होता है, विभाग गुणवत्तापूर्ण सामग्री का इस्तेमाल करता है। वहीं खास बात यह है कि विद्युतीकरण का काम विद्युत निगम की निगरानी में ही होगा। ट्रांसफार्मर से लेकर केबल की गुणवत्ता भी अच्छी होगी। संवाद