फतेहगंज पूर्वी। विद्युत निगम के अवर अभियंता ने गिहार बस्ती और दुकानदारों के कनेक्शन मंगलवार को काट दिए। यह कार्रवाई निगम के कर्मचारियों ने सेना के अधिकारियों की शिकायत पर की। जिन उपभोक्ताओं के बिल बकाया नहीं थे, उन्होंने बिजली घर जाकर विरोध जताया।
अवर अभियंता सूरज तोमर ने बताया कि मेजर जाट रेजिमेंट गुलवीर सिंह व उनके साथियों ने शिकायत की थी। मेजर का कहना है कि गिहार बस्ती सेना की जमीन पर बसी है। इस जमीन पर वन विभाग ने पेड़ लगा दिए थे। लेकिन, चौराहे से रामलीला मैदान तक सड़क के आसपास भी दुकानदारों व घरवालों ने बैनामे करा लिए। हालांकि, स्वामित्व के लिए गिहार बस्ती के राहुल गुप्ता आदि ने कोर्ट में मुकदमा भी दाखिल किया है, जो विचाराधीन है। उन लोगों का कहना है कि रक्षा मंत्री ने 50 साल पहले जमीन को रहने के लिए दिया था।
जेई ने बताया कि शिकायत के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की गई। गिहार बस्ती में जिन लोगों के पास कनेक्शन के वैध दस्तावेज नहीं थे, उनके कनेक्शन काट दिए गए। कुछ दुकानदारों के बिल बकाया होने पर उनके भी कनेक्शन काटे गए। जिनका बिल बकाया नहीं था लेकिन कनेक्शन कट गया, वे लोग दस्तावेज लेकर बिजली घर पहुंचे। इस पर अवर अभियंता ने कनेक्शन बहाल करने का वादा किया।
वर्जन,
मौके पर टीम गई थी। वहां सेना के अधिकारी भी मौजूद थे। उनके स्तर से अवगत कराया गया कि सेना की भूमि पर निर्माण कराया गया है। हालांकि यहां जिन पर भी बिल बकाया मिला, उनके कनेक्शन काटे गए हैं। - पवन शर्मा, एक्सईएन
आंवला सांसद को भेजा पत्र
गिहार बस्ती के सर्वेश कुमार, विनोद, शिवम, रिंकू कुमार आदि ने आंवला सांसद नीरज मौर्य को पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि 200 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काट दिए गए हैं। बच्चे परेशान हैं। बकाया बिल को जमा करा दिया जाएगा। दावा किया कि वे लोग गिहार बस्ती में 1971 से रह रहे हैं। इतने साल से बिल जमा करते आ रहे हैं। सेना के अधिकारियों के कहने पर बिजली कनेक्शन काट दिए गए हैं। यदि अवैध बस्ती है तो कनेक्शन क्यों दिए गए। सर्वेश कुमार आदि के मुताबिक, वे लोग नगर पंचायत अध्यक्ष संजय पाठक के साथ बुधवार को बरेली जाएंगे। वहां बिजली निगम और सेना के अधिकारियों से वार्ता करेंगे।