बरेली। शहर की स्वच्छता व्यवस्था को पटरी पर लाने और प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए नगर निगम अब बेहद सख्त रुख अपनाने जा रहा है। ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के तहत अब खुले में कूड़ा फेंकने, गंदगी फैलाने या कचरे का पृथक्करण (अलग-अलग) न करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है। नए नियमों के मुताबिक, बार-बार उल्लंघन करने वाले बड़े संस्थानों और आवासीय परिसरों का बिजली और पानी का कनेक्शन तक काटा जा सकता है।
नगर निगम एक्ट के तहत इस बार जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। सार्वजनिक और खुले स्थानों पर कंस्ट्रक्शन का मलबा फेंकने वालों पर 5 से 10 हजार रुपये तक का अर्थदंड लगाया जाएगा, जबकि नियमों की अनदेखी करने वाले बड़े प्रतिष्ठानों पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना वसूला जाएगा। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि अब हर घर और व्यावसायिक संस्थान को अपने स्तर पर ही गीला, सूखा और ई-कचरा अलग-अलग डस्टबिन में रखना अनिवार्य होगा। अगर कूड़ा मिक्स पाया गया, तो मौके पर ही चालान काटा जाएगा। इसके अलावा, शहर के सभी होटलों, अस्पतालों, मॉल और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) को अपने परिसर के भीतर ही ऑन-साइट वेस्ट प्रोसेसिंग यानी कचरा निस्तारण की व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने सभी नागरिकों और व्यापारिक संगठनों से नियमों का पालन करने की कहा है।