पूर्वोत्तर रेलवे जल्द ही मैलानी से कासगंज तक का ट्रेन का सफर आसान बनाने जा रहा है। रेलवे जल्द ही डालीगंज से सीतापुर, मैलानी होते हुए कासगंज तक ओएचई लाइन डालने जा रहा है। चार चरणों में होने वाले इस प्रोजेक्ट पर करीब चार अरब रुपये खर्च होंगे। इस साल के अंत तक बरेली-कासगंज रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ना शुरू हो जाएंगी।
तीसरे चरण में बरेली से कासगंज तक लाइन डाली जाएगी। इज्जतनगर के रोड नंबर तीन पर रेल विकास निगम लिमिटेड का ऑफिस बनाया गया है। दो दिन पहले बरेली सिटी से कासगंज तक पिलर के लिए फाउंडेशन बनाने का शुरू कर दिया गया है। सूत्रों की मानें तो इस रूट पर इलेक्ट्रिक लाइन बिछाने का काम चार चरणों में किया जाना है। पहले चरण में डालीगंज-सीतापुर, दूसरे चरण में सीतापुर-मैलानी, तीसरे चरण में बरेली से कासगंज तक के ट्रैक का विद्युतीकरण होगा। इस दौरान मैलानी से पीलीभीत तक आमान परिवर्तन का काम भी पूरा हो जाएगा। अंतिम चरण में भोजीपुरा से पीलीभीत तक विद्युतीकरण होगा। पहले चरण के काम के लिए लखनऊ डिवीजन की डीआरएम विजय लक्ष्मी कौशिक नींव पूजन भी कर चुकी हैं। करीब चार अरब रुपये का प्रोजेक्ट 2022 तक पूरा होना है। विद्युतीकरण होते ही ट्रेनों की स्पीड दोगुनी हो जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि तीसरे चरण काम 2019 के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। बता दें कि वर्तमान में पीलीभीत से बरेली तक पांच पैसेंजर, बरेली से कासगंज तक पांच पैसेंजर और एक एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन होता है। विद्युतीकरण और मैलानी-पीलीभीत सेक्शन का काम पूरा होते हुए ट्रेनों की संख्या बढ़ सकेगी।
रेलवे बोर्ड ने साल के अंत तक बरेली से कासगंज तक इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ाने का लक्ष्य रखा है। इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए अलग से अनुभाग भी बनाया गया है।
- कृष्ण मोहन विश्वकर्मा, सहायक प्रबंधक, रेल विकास निगम लिमिटेड