शहर में सड़कों पर रखे ट्रांसफार्मर जानलेवा होते जा रहे हैं। सीबीगंज की तरह भीषण गर्मी के दिनों में ओवरलोडिंग की वजह से ट्रांसफार्मर में आग लगी तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। सुभाषनगर के करेली गांव में दो दिन पहले ही ट्रांसफार्मर जल गया। एजाजनगर में आए दिन बिजली महकमे की लापरवाही से हादसे हो रहे हैं, लेकिन किसी को इसकी परवाह नहीं है।
शहर के मुख्य रोड पर शहामतगंज पुलिस चौकी के सामने ट्रांसफार्मर लगा है। जिसमें आग लगने से आसपास के बाजार में आग लगने का खतरा बना रहता है। सूफी टोला में सेमलखेड़ा के सामने भी ट्रांसफार्मर लगा है। वियावानी कोठी के नजदीक लगा ट्रांसफार्मर जानलेवा बना हुआ है। यहां छोटे वाहन तो आकर रुक ही जाते हैं, भारी वाहन ट्रांसफार्मर के पास रोक लिए जाते हैं। पीसी ज्वैलर्स के पास लगा ट्रांसफार्मर को सबसे ज्यादा खतरनाक है। यहां शाम होते ही लोगों की भीड़ जमा होने लगती है। आग लगी तो किसी भी दिन हादसा हो सकता है। बटलर प्लाजा के सामने और मूर्ति नर्सिंग होम के सामने भी ट्रांसफार्मर जानलेवा हैं। जिन सड़कों पर ट्रांसफार्मर लगे हैं उनसे स्कूली बच्चों का गुजरना होता है। साइकिल, रिक्शा और ऑटो रिक्शा सभी जरियों से बच्चे निकलते हैं। सिंधु नगर के पास सड़क पर लगे ट्रांसफार्मर से कई बार हादसे होने से बचे हैं। ओवरलोड होने पर कभी भी ट्रांसफार्मर से चिंगारी निकलने लगती है। मढ़ीनाथ जैसी घनी आबादी में पुलिया के पास, डॉक्टर गंगवार की क्लीनिक के नजदीक, मढ़ीनाथ मंदिर और राजकुमारी स्कूल के पास बिजली के ट्रांसफार्मर लगे हैं। पीलीभीत रोड पर कटरा चांद खां को जाने वाले रास्ते पर ट्रांसफार्मर ऐसी जगह लगा है, जहां किसी भी समय हादसा होने का खतरा बना हुआ है।