िवविभ्ााग में ख्ााली पड़ी कुिससिऱ्र्सियां
चुनाव खतम होय गओ है, अफसर कोई न आओ। हम तो ऑफिस के चक्कर लगाये रहे हैं, कोई बतान बारोे नाय। कुर्सी वाले साब कह रहे रिपोर्ट भेजेंगे जाओ पहिले ऑन लाइन फारम भरो। यह कहना है विकास भवन के जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय पहुंची वृद्धा सरोज का।
दोपहर करीब सवा बजे समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में खड़ी गुद्दड़ बाग से आईं बुजुर्ग सरोज ने बताया कि वृद्धावस्था और पारिवारिक पेंशन के लिए वह कई बार चक्कर लगा चुकी हैं। उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। हर बार उन्हें कुछ न कुछ नया नियम बता कर टरका दिया जाता है। इसी तरह वहां मौजूद बहेड़ी धर्मपुर और भुड़िया गांव से आए दो बुजुर्गों ने बताया कि चार बार आफिस के चक्कर लगा चुके हैं लेकिन काम नहीं हुआ। हर बार कोई न कोई कागज अधूरा बताकर लौटा देते हैं। इसके पहले अफसरों ने कहा था कि चुनाव के बाद आना अब चुनाव खत्म हो गया तो भी कोई सुनने वाला नही है। फरीदपुर भुता के हरहरपुर से आई सुरजा देवी और रंजीत पारिवारिक पेंशन के लिए भटक रहे थे। उन्होंने बताया कि ‘जिन साब को काम करनौ है वे आये तो हैं गे, वे सब कुर्सी पर नाय मिले।’ जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के संबंधित पटल पर न मिलने के कारण दिनभर फरियादी भटकते रहे। हालांकि वहां मौजूद ऑपरेटर ने फरियादियों को बताया कि सभी फार्म ऑनलाइन भरे जाने हैं। भरे हुए फार्म की जब तक आख्या नहीं आएगी तब तक वह कुछ नहीं बता सकते। समाज कल्याण अधिकारी के संबंध में बताया गया कि वह लखनऊ में डीएसडब्ल्यू की मीटिंग में गए हुए हैं।
कहीं बाबू तो कही अधिकारी रहे नदारद
बरेली। निकाय चुनाव के बाद सोमवार को विकास भवन में कई दफ्तरों में अधिकारी और बाबू नजर नहीं आए, और जो आए हुए थे, वे भी अपनी सीट पर नहीं दिखे। इसी के चलते फरियादी भी भटकते रहे। सीडीओ सतेंद्र कुमार दोपहर से कलेक्ट्रेट में विकास कार्यों की बैठक में हिस्सा लेने गए थे। जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में कई फरियादी आए थे। वे सब भटक रहे थे। समाज कल्याण अधिकारी मीटिंग में लखनऊ गए थे। इस काम को देखने वाले पटल बाबू भी अपनी कुर्सी पर नहीं थे। ऐसा ही हाल दोपहर के समय सांख्यिकी विभाग के तकनीकी विभाग का था। यहां पूरा कमरा खाली था। अपर संख्याधिकारी महेश चंद्र वर्मा मौजूद थे। उन्होंने बताया सभी लंच पर बाहर गए हैं।