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अंधे बेटे के साथ मां ने मांगी राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु

Mon, 09 Feb 2015 01:22 AM IST
बरेली
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शहर निवासी एक महिला को बदायूं में ब्याह के बाद इस कदर दर्द झेलना पड़ा कि उसका सब्र जवाब दे गया। पति और ससुराल से ठुकराई महिला यहां मायके में नेत्रहीन बेटे के साथ रह रही है। प्रभावशाली ससुरालियों के खिलाफ बदायूं पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। महिला ने अब राष्ट्रपति को फैक्स भेजकर बेटे समेत दया मृत्यु मांगी है।
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शहर के चौधरी मोहल्ला में गौरीशंकर मंदिर के पास रहने वाली अनीता शर्मा ने बताया कि 2004 में उसकी शादी बदायूं के मीराजी चौकी मोहल्ले में हुई थी। उसके पति वहां जजी में कर्मचारी हैं। पहले दहेज कम लाने का ताना देते हुए उसका उत्पीड़न किया गया। पहला प्रसव घर पर अप्रशिक्षित दायी से करा दिया जिससे उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। दूसरे बच्चे के जन्म से पहले उसे घर से निकाल दिया। मायके वालों ने मदद की तो बरेली के निजी अस्पताल में उसने बेटे को जन्म दिया। बेटे के जन्म के बाद पति उसे बदायूं बुला ले गए। इस बीच बेटे को ब्रेन ट्यूमर हो गया। पति ने पहले एक झोलाछाप से इलाज कराया और बाद में उसे बरेली भेज दिया। एम्स में उसने बेटे का आपरेशन कराया पर देरी की वजह से बेटे की आंखों की रोशनी चली गई। फिर तो पति ने साफ कह दिया कि दृष्टिहीन बच्चे को न तो साथ रखेंगे और न इलाज कराएंगे। उसे मारापीटा भी। उसने बदायूं कोतवाली में तहरीर दी पर पति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। कई महीनों से वह मायके में रह रही है। बेटे के इलाज के कागज तक पति नहीं दे रहे। उनके पुत्र की हालत दिनोंदिन खराब हो रही है। वह बेटे को रोज तिल-तिल कर मरता देख रही है। यह उसकी बर्दाश्त से बाहर है।
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