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Bareilly News: अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को आठ साल, मां व बहनोई समेत चार को चार-चार साल की कैद

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मामा के घर आई दूसरे समुदाय की किशोरी को किया था अगवा, दोषियों पर 34 हजार जुर्माना भी लगाया
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बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट अशोक कुमार यादव ने किशोरी को अगवा कर उससे दुष्कर्म के दोषी देवरनियां थाना क्षेत्र के गांव रहपुरा गनीमत निवासी इमरान को आठ साल की कैद व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को तीन माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा। इमरान का सहयोग करने में उसकी मां जमीलन, बहनोई शमशाद, रिश्तेदार शफीक अहमद और मजीद को चार-चार साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर इन दोषियों को एक-एक माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा।

देवरनियां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी दूसरे समुदाय के व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 12 वर्षीय भांजी उसके घर आई थी। 20 दिसंबर 2012 को वह शौच करके लौट रही थी। रास्ते में इमरान, जमीलन, शमशाद, शफीक अहमद और मजीद ने उसको अगवा कर लिया। गांव के दो लोगों ने आरोपियों को ऐसा करते हुए देखा। इमरान उसको दिल्ली ले गया। वहां एक माह तक उसके साथ दुष्कर्म किया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी।
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अभियोजन की ओर से 11 गवाह पेश किए गए। पीड़िता के बयानों में कई बार विरोधाभास रहा। बचाव पक्ष ने इसका फायदा उठाने की कोशिश की। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता सुरेश साहू ने 12 साल की किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने के मामले में मुख्य आरोपी के परिजनों के शामिल होने और मामला दो समुदायों के बीच का होने संबंधी तर्क दिया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। संवाद
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युवती ने चचेरे भाई से की शादी तो मां ने लगाया बेटी से दुष्कर्म का आरोप, कोर्ट ने किया बरी
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट अशोक कुमार तृतीय ने बहेड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक को अपहरण और दुष्कर्म के आरोप से दोषमुक्त कर दिया है। युवक ने चचेरी बहन से प्रेम विवाह किया था। इससे नाराज किशोरी की मां ने युवक पर बेटी से दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। युवती ने कोर्ट में बयान दिया कि वह 18 साल की है। उसने अपनी मर्जी से आर्य समाज पद्धति से विवाह किया है और रजिस्ट्रार कार्यालय में इसका पंजीकरण भी कराया है।
बहेड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 17 जून 2023 को देवर के बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि देवर का बेटा 15 जून की रात उसकी 17 साल की बेटी को अगवा कर ले गया। उसको बंधक बनाकर रखा, शादी का दबाव बनाया और दुष्कर्म किया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सितंबर 2023 में कोर्ट ने आरोप तय किए। सुनवाई के दौरान रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला ने स्वीकार किया कि उसकी बेटी की उम्र 18 साल एक माह है। जिरह के दौरान सामने आया कि युवती पहले भी तीन बार आरोपी के साथ जा चुकी थी।

युवती के पिता ने बेटी के आरोपी के साथ प्रेम संबंध होने की बात कही। युवती ने बयान दिया कि वह अपनी मर्जी से गई थी। वह प्रेमी के साथ पत्नी की तरह रह रही है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषमुक्त करार दिया है। संवाद
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एससी-एसटी एक्ट के तीन आरोपी 14 साल बाद दोषमुक्त
बरेली। स्पेशल जज अशोक कुमार सिंह द्वितीय ने एससी-एटी एक्ट के आरोपी शहर के प्रेमनगर निवासी नन्हे लाल मौर्य, अखिलेश बाबू और प्रदीप को दोषमुक्त करार दिया है। प्रेमनगर निवासी रवि ने नौ अक्तूबर 2011 को प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि दीवार के विवाद में मोहल्ले के ही नन्हेलाल मौर्य, अखिलेश बाबू और प्रदीप ने उसको पीटा और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अपमानित किया। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में नाकाम रहा। गवाहों ने भी बयान बदल दिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। संवाद
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जानलेवा हमले के दो आरोपी सात साल बाद बरी

बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश निकुंज मित्तल ने जानलेवा हमले के आरोपी कैंट थाना क्षेत्र के गांव चौबारी निवासी राजवीर सिंह और राहुल को दोषमुक्त करार दिया है। चौबारी निवासी अजय पाल सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई हरज्ञान पांच मई 2018 को सुबह साढ़े आठ बजे खेत पर जा रहा था। रास्ते में राजवीर सिंह और राहुल सिंह ने तीन अन्य लोगों के साथ उस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी। विवेचना के बाद पुलिस ने राजवीर और राहुल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। तीन अन्य आरोपी नाबालिग होने के कारण उनका मामला किशोर न्यायालय के सुपुर्द कर दिया गया। अभियोजन की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। वादी और गवाहों ने स्वीकार किया कि हमलावरों को उन्होंने नहीं देखा। वादी ने घटना अपने सामने न होने और गांव वालों से सुनी-सुनाई बातों पर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपियों को दाेषमुक्त करार दिया है। संवाद
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