बरेली के बिशारतगंज में घर के पास खेलते हुए तीन दिन पहले लापता हुई आठ वर्षीय कक्षा एक की छात्रा की रक्तरंजित लाश शुक्रवार को घर के पास गन्ने के खेत में मिली। हत्या से पहले उसके साथ हैवानियत की गई थी।
शव की हालत देख दिल्ली के निर्भयाकांड की यादें ताजा हो गईं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को ही दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या कर दी गई थी।
यह घटना उत्तरकाशी (उत्तराखंड) में रहकर मजदूरी करने वाले शख्स की बेटी के साथ हुई। यहां गांव में बच्ची अपनी मां और 12 साल के भाई के साथ रहती थी। बीते मंगलवार को स्कूल से आने के बाद वह स्कूल ड्रेस पहने ही खेलने निकल गई थी।
आखिरी बार उसे गांव में पुलिया पर कुछ बच्चों के साथ खेलते देखा गया था। यहीं से वह शाम करीब 5:30 बजे अचानक गायब हो गई थी। पिता बेटी को तलाशने के लिए उत्तरकाशी से गांव आए।
वह बिशारतगंज थाने गए, लेकिन पुलिस ने संवेदनहीनता दिखाते हुए उन्हें टरका दिया। पुलिस ने कहा-दो दिन खुद ढूंढो, फिर भी बच्ची नहीं मिले तो गुमशुदगी दर्ज कर लेंगे।
शुक्रवार सुबह पिता गांव के प्रधान के साथ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए दोबारा थाने जाने वाले थे। उससे पहले सुबह दस बजे ग्रामीणों ने फिर बच्ची को तलाशना शुरू किया तो घर से सिर्फ 25 मीटर की दूरी पर गन्ने के खेत के बीच में उसकी रक्तरंजित लाश मिल गई।
उसके गले में लाल रंग का रुमाल कसा हुआ था। शव की हालत ऐसी थी कि जिसने देखा वो हिल गया। सूचना पर पूरा पुलिस अमला पहुंच गया। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने छानबीन कर साक्ष्य जुटाए।
एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ दुष्कर्म के बाद हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। हत्यारे को पकड़ने के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है।
ग्रामीण आक्रोशित, बोले- पुलिस ने दिखाई लापरवाही
घटना को लेकर गांव के लोगों में काफी आक्रोश है। पुलिस ने न तो रिपोर्ट लिखी और न ही बच्ची को ढूंढने के लिए कोई प्रयास किया। लाश भी उन्हीं लोगों को मिली। मासूम के पिता ने कहा कि पुलिस ने भारी लापरवाही दिखाई है। अगर पुलिस वक्त रहते एक्शन लेती तो शायद उनकी बच्ची आज जिंदा होती।