बरेली। शियाओं के प्रमुख संगठन यूनाइटेड शिया मूवमेंट की ओर से सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए ईदुलजुहा यानी बकरीद के बजाय अगले दिन मंगलवार को कुर्बानी करने की अपील जारी की है। इसके बाद सूबे के कई शिया आलिमों ने भी सकारात्मक रुख दिखाते हुए इस मुद्दे पर जल्द कोई फैसला लेने की बात कही है। शिया समाज के आम लोगों का भी इस अपील को समर्थन मिल रहा है।
शियाओं की ओर से 12 अगस्त को ईद उल अजहा यानी बकरीद होेने का एलान कर दिया गया है। इसी दिन सावन का चौथा सोमवार भी है। इसी बीच शहर के सौहार्द को बनाए रखने के लिए शिया मूवमेंट की ओर से के लोगों ने बकरीद के बजाय अगले दिन मंगलवार को कुर्बानी करने की अपील जारी की है। संस्था के लोग शिया जामा मस्जिद के इमामे जुमा मौलाना शम्सुल हसन खां से भी मिले और इस संबंध में विस्तार से चर्चा की। इमामे जुमा ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए शुक्रवार तक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
इसके अलावा लखनऊ में आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास, फर्रूखाबाद के इमामे जुमा मौलाना सदाकत हुसैन नकवी, आजमगढ़ के मौलाना मुजफ्फर हुसैन तुराबी, सिरसी मुरादाबाद के मौलाना नुस्तरत अली से भी संस्थाके पदाधिकारियों ने संपर्क किया है। उन्होंने भी इस अपील को बेहतर करार देते हुए इस पर गौर करने की बात कही है।
संस्था के महासचिव अधिवक्ता कलीम हैदर नकवी और प्रवक्ता समर अब्बास जैदी ने संयुक्त रूप से बताया कि शिया मूवमेंट की पेशकश है कि ईद उल अजहा की नमाज सोमवार को ही मस्जिदों में अपने निर्धारित समय पर अदा की जाए लेकिन कुरबानी मंगलवार को हो ताकि किसी को कोई समस्या न हो और सौहार्द कायम रहे।