बरेली। ईदुल अजहा का त्योहार सोमवार को पुरअमन माहौल में संपन्न हो गया। कुर्बानी से पहले ईदगाह सहित शहर की हर छोटी बड़ी मस्जिदों में नमाज अदा की गई। जहां से अमन और इत्तेहाद का पैगाम दिया गया। नमाज के बाद लोगों ने गले मिल कर एक दूसरे को मुबारकबाद दी।
बाकरगंज स्थित ईदगाह पर जानशीन ताजुश्शरिया मुफ्ती असजद रजा खां के पीछे हजारों लोगों ने नमाज अदा की और मुल्क में अमनो अमान और खुशहाली के लिए दुआ की। इससे पहले मुफ्ती अफजाल रजवी ने तकरीर में ईदुल अजहा का मकसद और महत्व बताया। जामा मस्जिद में शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम रजवी ने भी त्योहार को अकीदत से मनाने के साथ ही अमन कायम रखने का अपील की।
दरगाह आला हजरत की रजा मस्जिद में कारी रिजवान रजा ने नमाज अदा कराई। दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां, सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी सहित खानदान के तमाम लोगों ने नमाज अदा की और नमाजियों को मुबारकबाद और दुआएं दीं। खानकाह नियाजिया में सज्जादानशीन शाह मोहम्मद हसनैन नियाजी उर्फ हसनी मियां ने नमाज अदा कराई। इससे पहले वह नायब सज्जादा हाजी शाह मेंहदी मियां, प्रबंधक शब्बू मियां नियाजी, डा. कमाल मियां नियाजी सहित तमाम खानवादों के साथ हवेली से शाही अंदाज में नमाज के लिए रवाना हुए। इसके अलावा दरगाह शाह शराफत मियां, आस्ताना मोहम्मदिया, नौमहला मस्जिद, मिर्जा मस्जिद, काशीफुल उलूम मस्जिद, नूरानी मस्जिद, नूरी मस्जिद हबीबिया मस्जिद, दरगाह शाहदाना वली, बारादरी मस्जिद, मुस्तफाई मस्जिद सहित शहर भर की छोटी बड़ी मस्जिदें भी नमाजियों से भरी रहीं। जहां नमाज और दुआ के बाद लोगों ने गले मिल कर मुबारकबाद दी। उधर, शिया जामा मस्जिद में मौलाना शम्सुल हसन खां ने ईद की नमाज अदा कराई।
अधिकारी भी पहुंचे ईदगाह
ईदगाह में नमाज के वक्त पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। इसमें एसीएम द्वितीय कमलेश सिंह, सीओ द्वितीय सीमा यादव, अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह के अलावा समाज सेवी जेसी पालीवाल, कदीर अहमद, नासिर कुरैशी, अतीक हुसैन, यामीन राइन, हाजी अजहर बेग आदि मौजूद रहे।
अल्लाह की रजा के लिए चार लाख लोगों ने की कुर्बानी
बरेली। कुर्बानी हजरत इब्राहिम अलै. की सुन्नत है, जो अल्लाह को बेहद पसंद है। इसी सुन्नत को अदा करते हुए अल्लाह की रजा के लिए ईदुल अजहा (बकरीद) पर लाखों लोगों ने भेड़, बकरी और पड्डों की कुर्बानी दी।
बकरीद की सुबह से ही शहर के तमाम मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में रौनक देखने को मिली। कुर्बानी से पहले लोगों ने भेड़ बकरों को नहला धुला कर हार फूल से सजाया और मोहल्लों में टहलाने निकल पड़े। इसमें खास तौर छोटे बच्चों में काफी उत्साह दिखा, जो बकरों की रस्सी पकड़े सड़कों पर घूमते नजर आए। यह नजारा पुराना शहर और किला क्षेत्र के इलाकों में देखने को मिला। नमाज के बाद तमाम लोगों ने कुर्बानी की रस्म को अदा किया। इधर बकरा व्यापारियों के अनुसार, पहले रोज जिले भर में करीब चार लाख लोगों ने कुर्बानी की है। इसमें शहरी इलाकों में करीब डेढ़ लाख कुर्बानी किए जाने का अनुमान है तो देहात इलाकों में ढाई लाख लोगों के कुर्बानी कराए जाने की बात बताई है। इसमें बकरों संख्या डेढ़ लाख से अधिक बताई जा रही है, जबकि दो लाख के आस पास पड्डों की कुर्बानी हुई है। बाकी में भेड़ आदि हैैं।
यह भी पता चला है कि कई ऐसे इलाके हैं जहां मुस्लिमों ने पड्डे खरीदे तो मगर सावन के आखिरी सोमवार के मद्देनजर दूसरे धर्मों का लिहाज करते हुए एक दिन कुर्बानी को टाल दिया है। इसमें सुभाष नगर, गढै़या, जगतपुर, नई बस्ती और पीलीभीत बाईपास के इलाके हैं। इन इलाकों में सिर्फ बकरों की ही कुर्बानी हुई है।