बरेली। कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ रहे दायरे को सीमित करने की जद्दोजहद में लगे प्रशासन की त्योहारों ने परेशानी बढ़ा दी है। दरअसल, त्योहारों पर मिली छूट ने लोगों की इस कदर आवाजाही और मेलजोल बढ़ा दिया है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को कोरोना संक्रमण रोकने के अपने प्रयासों पर पानी फिरता दिख रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, त्योहारों पर लोगों ने जमकर मनमानी की है। इसका असर आने वाले दस दिनों में दिखाई देगा। इधर, सीएमओ ने लोगों से कोरोना के लक्षण सामने आने पर तत्काल जांच कराने की अपील की है।
पिछले दिनों बकरीद और फिर रक्षाबंधन को लोगों ने धूमधाम से मनाया। इन दिनों शासन की ओर से छूट भी मिली थी। ऐसे में आशंका है कि जो लोग सैंपलिंग में पॉजिटिव आ रहे हैं वे तो ट्रेस हो रहे हैं और कोविड अस्पताल में भर्ती कराए जा रहे हैं, लेकिन सैंकड़ों लोग ऐसे भी भी हैं जो ट्रेस ही नहीं हो सके हैं, लिहाजा वे दूसरे लोगों को खतरा बने हुए हैं। त्योहार पर बाजारों में आपाधापी, चहलपहल, आवाजाही और मेलजोल के दौरान कौन संक्रमित कितनों के संपर्क में आया होगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।
डॉक्टरों का मानना है कि बाजार से घर वापस जाने के बाद अगर लोग बगैर नहाए और कपड़े बदले बगैर घर के सदस्यों से मिले होंगे तो यह भी खतरे का संकेत है। इसी खतरे की आशंका ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की चिंता बढ़ा दी है। इसे देखते हुए मंगलवार को सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल के साथ ही एसडीएम (सदर) ईशान प्रताप सिंह ने भी लोगों से कोरोना के लक्षण मिलने पर तत्काल सैंपलिंग कराने की अपील की। इसमें युवाओं से खासतौर पर जांच कराने का अनुरोध किया गया है। सीएमओ का कहना है कि जितनी जल्दी संक्रमित ट्रेस होंगे, वायरस का फैलाव रोकना उतना ही आसान होगा।
संक्रमण की आशंका है तो तुरंत कराएं जांच
सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल के मुताबिक, लोगों की लापरवाही ही संक्रमण फैलने की बड़ी वजह बन रही है। त्योहार मनाने के लिए लोग और भी ज्यादा बेफिक्र हो गए। बाजार में कौन संक्रमित है यह नहीं पता चलता। अगर कोई व्यक्ति किसी संक्रमित के संपर्क में आया होगा तो करीब छह दिन बाद ही उसमें संक्रमण के लक्षण दिखाई देंगे, लेकिन इस बीच वह अनजाने में कई और लोगों को संक्रमित कर चुका होगा। उन्होंने अपील की है कि अगर किसी को संक्रमण का संदेह है तो वह तत्काल जांच कराए। बीमार होना कोई अपराध नहीं है, बीमारी छिपाना अपराध है।
गले मिलकर दे दी बधाई.. अब रहें सतर्क
आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजेश अग्रवाल के मुताबिक, बीते दिनों दो बड़े त्योहार मनाने के लिए लोगों ने संक्रमण से बचाव के सारे नियम ताक पर रख दिए। बाजार, मंडी और फुटकर दुकानों पर जबर्दस्त भीड़ उमड़ी। ऐसे में अगर इस भीड़ में कोई संक्रमित रहा होगा तो वह सौ से ज्यादा लोगों के संपर्क में किसी न किसी तरीके से जरूर आया होगा। लिहाजा, जो हो गया अब उसे संज्ञान में रखते हुए आने वाले छह से 12 दिनों के भीतर अगर किसी में कोरोना के लक्षण दिखाई दें तो वह तत्काल जांच कराएं। ताकि वह अन्य किसी को संक्रमित न कर सके और परिवार भी सुरक्षित रहे।
दस दिन बाद और बढ़ सकते हैं संक्रमित
बरेली आर्थोपेडिक एसोसिएशन के सचिव डॉ. आरके सिंह का कहना है कि खरीदारी, आवाजाही या अन्य किसी तरह संक्रमित के संपर्क में अगर कोई आया होगा तो फिलहाल वायरस इंक्यूवेशन पीरियड (ऊष्मायन अवधि) में ही होगा। संबंधित व्यक्ति में लक्षण दिखने में करीब आठ से 12 दिन का समय लग सकता है। वहीं, अगर किसी को बाजार आदि में संक्रमित होने की आशंका है तो वह एहतियातन 10 अगस्त के बाद अपनी जांच करा लें। ताकि संक्रमण का समय से पता चल सके। वहीं, जिनमें लक्षण हैं वे इसे नजरंदाज कतई न करें, क्योंकि कोरोना को सिर्फ फ्लू समझना घातक हो सकता है।
वायरल बीमारी है तो भी जरूर करा लें जांच
चिकित्सकों के मुताबिक, बारिश का मौसम होने की वजह से वायरल बीमारियां भी तेजी से हावी हो रही हैं। कोरोना जैसे लक्षण वायरल बीमारियों समेत टाइफाइड, मलेरिया के भी होते हैं। वायरल बीमारियों का आंकड़ा कोरोना से कहीं ज्यादा है। लिहाजा, किसी में मलेरिया या टाइफाइड या सांस संबंधी रोगों की पुष्टि हुई है तो वह कोरोना की जांच जरूर करा लें। ताकि संक्रमण का पता चल सके। आशंका जताई कि इन बीमारियों के साथ ही अगर कोरोना संक्रमण भी हुआ तो स्थिति घातक हो सकती है। समय से संक्रमण का पता चलने पर बचाव की उम्मीद है।