जनवरी में हो जाएगा स्पष्ट
जनवरी के पहले सप्ताह तक तय हो जाएगा कि इस ट्रेन को वाराणसी या फिर प्रयागराज तक विस्तार दिया जाएगा। दरअसल, मेरठ से लखनऊ की दूरी करीब 459 किलोमीटर है। वहीं, प्रयागराज की दूरी करीब 700 किलोमीटर और वाराणसी की दूरी करीब 800 किलोमीटर है। मेरठ से प्रयागराज के लिए रोजाना औसतन चार ट्रेनें हैं, लेकिन वाराणसी के लिए कोई ट्रेन नहीं है।
वाराणसी की मेरठ से दूरी ज्यादा होने के कारण रेलवे इस ट्रेन को फिलहाल प्रयागराज तक विस्तार देने पर विचार कर रहा है। वाराणसी तक विस्तार दिए जाने पर रोजाना इस ट्रेन को 1600 से ज्यादा जबकि प्रयागराज तक विस्तार देने पर रोजाना करीब 1400 किलोमीटर की यात्रा करनी होगी। जनवरी में आने वाली रेलवे की नई समय सारिणी में इसको लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।