खुसरो कॉलेज का चेयरमैन है शेर अली जाफरी
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कई जिलों तक फैला है माफिया का नेटवर्क
शेर अली जाफरी ने कई संस्थान खोले। वह ठगी की बुनियाद पर किले बनाता रहा। जाफरी का नेटवर्क कई जिलों में फैला हुआ है। पीलीभीत के जहानाबाद में जाफरी का कॉन्वेंट कॉलेज है। बदायूं के बगरैन में भी जाफरी का कॉलेज है। इसके अलावा भी कई जिलों में जाफरी की संपत्तियां हैं। एसआईटी को आशंका है कि शेर अली जाफरी ने बरेली के अलावा दूसरे जिलों के छात्रों को भी फर्जी डिग्री थमाई होगी। अब और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।
हत्या व दुष्कर्म में भी फंसा पर नेताओं ने बचा लिया
शिक्षा माफिया जाफरी छात्रों से जितनी ठगी करता था, उसका कुछ हिस्सा नेताओं को चढ़ावे के रूप में देता था। पुलिसकर्मियों पर भी खुलकर खर्चा करता था। यही वजह रही कि हत्या व दुष्कर्म तक के मुकदमे दर्ज होने पर भी वह हर बार बचता रहा। इस बार भी उसे बचाने की कोशिश हुई, पर कप्तान की सख्ती के आगे किसी का जोर न चला।
कई साल पहले शेर अली जाफरी के भाई जबर अली के साले आबिद अली की हत्या का मामला जोरशोर से उठा था। आबिद का लंबे समय तक पता नहीं लगा। आरोप था कि जबर अली ने अपने भाइयों की मदद से आबिद अली को ईंट भट्ठे में जलाकर मार दिया है।
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मामले में शेर अली जाफरी समेत तीनों भाइयों पर रिपोर्ट हुई, पर मामला रफादफा हो गया। शेर अली जाफरी पर दूसरा मुकदमा भी उसके भाई जबर अली की बदौलत दर्ज हुआ। जबर अली पर एक युवक की हत्या करने का आरोप था। उसका शव गंगा की कटरी से बरामद हुआ था।
तीनों भाइयों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें जबर अली को जेल जाना पड़ा। हालांकि, शेर अली ने सत्ता की मदद से मामला निपटा दिया। शेर अली जाफरी पर तीसरा मुकदमा दुष्कर्म का दर्ज हुआ था। बताते हैं कि उस समय भी थाने पर सेटिंग व नेताओं के संरक्षण से जाफरी ने खुद को बचा लिया था।