सिलेबस के किस चैप्टर को कितने समय तक पढ़ाना है, यह तय हो गया है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू करने जा रहा है। इसके लिए बनी कमेटी ने कैंपस के सारे स्नातकोत्तर सिलेबस के चैप्टर पढ़ाने का समय तय कर दिया है। यह सिस्टम परीक्षा समिति की मुहर लगने के बाद लागू हो जाएगा। इसके बाद शिक्षकों को अपने ढंग से कोई भी चैप्टर पढ़ाने का ढर्रा बदलना पड़ेगा। कैंपस में इसे लागू करने के बाद विश्वविद्यालय की मंशा इसे कॉलेजों में भी लागू करने की है।
यूजीसी ने सेमेस्टर सिस्टम के सिलेबस में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम से पढ़ाने का नियम लागू किया है ताकि कामचलाऊ ढंग से पढ़ाई न हो। यानी जिस चैप्टर का जितना महत्व है, उसे उसी लिहाज से समय देकर विद्यार्थियों को पढ़ाया जाए। यूजीसी के निर्देश आने के बाद विश्वविद्यालय ने इसके लिए कमेटी बनाकर प्रत्येक चैप्टर का उसके महत्व के हिसाब से पढ़ाई का समय निर्धारित कर दिया। प्रतिकुलपति प्रो. वीपी सिंह ने बताया कि कैंपस के सारे पीजी सिलेबस के चैप्टरों का समय निर्धारण किया जा चुका है। कमेटी इसकी रिपोर्ट कुलपति को दे चुकी है। उनसे अनुमोदन भी मिल गया है। अब इस सिस्टम को लागू करने के लिए परीक्षा समिति के अनुमोदन की आवश्यकता है। अनुमोदन होते ही नए सत्र से इसे लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय कैंपस में यह सिस्टम लागू होने के बाद कॉलेजों में भी इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।