स्कूल बसों को लेकर अभिभावकों की चिंता बेजा नहीं है, बंडा के एक खटारा स्कूल बस से गिरकर पीलीभीत के मासूम छात्र की मौत के बाद तो ये चिंता और भी बढ़ जाएगी। फिलहाल, निजी स्कूलाें की मनमानी और खराब ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर लगातार आ रही शिकायताें के मद्देनजर गुरुवार को एडीएम सिटी की अध्यक्षता में आहूत स्कूल प्रबंधन की बैठक में सीबीएसई से संबद्ध बताने वाले एक से आठ तक स्कूलाें की मान्यता की जांच के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों को लाने-ले जाने के लिए खटारा वाहन लगाने पर नाराजगी जताते हुए ऐसे वाहनों को स्कूलों में चलाने की सख्ती से मनाही कर दी गई है। तमाम पहलुआें पर जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है जो स्कूलाें की मनमानी और वाहनाें तक की जांच करेगी। टीम में बीएसए, एसीएम प्रथम, सीओ ट्रैफिक औक एआरटीओ शामिल हैं।
गुरुवार को कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में एक दर्जन से अधिक निजी स्कूल प्रबंधन के लोग शामिल हुए थे। वाहनाें में बच्चों को ठूंसकर बैठाए जाने पर सख्त नाराजगी जताते हुए सीट की संख्या तय कर दी गई। सभी वाहनाें की फिटनेस जांच कराने और सुरक्षा के मानक भी जांचने को कहा गया है। ड्रेस, किताब और फीस के मामले में मनमानी न करने के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि तय मानकों के मुताबिक ही फीस ली जाए। वहीं शिकायत मिली है कि शहर में कई स्कूल सीबीएसई बताकर चल रहे हैं। इसकी जांच होगी।
एक महीने में लगाएं सीसीटीवी कैमरे
पाकिस्तान में स्कूलाें पर हुए आतंकवादी हमले को देखते हुए बरेली के सभी स्कूलाें के गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। एडीएम सिटी ने कहा कि एक महीने के अंदर सभी स्कूल सीसीटीवी लगाने के बाद जिला प्रशासन को सूचित करें।
अभिभावकाें में दिखी नाराजगी
अभिभावकाें की समस्याआें पर ही स्कूल प्रबंधन को बातचीत के लिए बुलाया गया था, लेकिन न तो इसकी जानकारी अभिभावक संघ को थी और न ही पैरेंट्स फोरम को। ये दोनाें समितियां ही अभिभावकाें से जुड़ी समस्याआें पर आवाज उठाती हैं। पैरेेंट्स फोरम के खालिद जिलानी कहते हैं कि स्कूल प्रबंधन केवल अपनी ही समस्याएं आगे रखता है। उसे अभिभावकाें की बात भी सुननी चाहिए थी।
यह तय हुए हैं सीट के मानक
ऑटो- 6 बच्चे एक चालक
वैन- 10 बच्चे व चालक
विक्रम- 8 बच्चे व चालक
स्कूल वाहनाें के ये हैं नियम
स्कूल बस या वैन का परमिट
वाहन पीले रंग में रंगा हो
उसके आगे- पीछे स्कूल लिखा हो
बच्चाें की संख्या निर्धारित हो
बस में फर्स्ट एड बॉक्स भी हो
स्कूल बैग रखने को सीट के नीचे जगह हो
ऑटो में जाल लगा हो
स्कूल के पास वैन, बस, ऑटो की सूची और रूट का ब्योरा हो
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रसोई सिलिंडर से चल रहे ऑटो
आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही के चलते शहर में अभी भी एलपीजी गैस ही नहीं बल्कि सिलिंडर से वाहन चल रहे हैं जो अपने साथ दूसरों की जान भी जोखिम भी डाल रहे हैं। शहर में जंक्शन और पीलीभीत बाईपास रोड पर खुलेआम ऑटो और स्कूल वैन में एलपीजी गैस भरी जा रही है। यह अवैध रिफलिंग रोड पर चल रही है। कई वाहनाें में तो सिलिंडर भी लगा हुआ होता है।