बरेली कॉलेज में मंगलवार को विश्वविद्यालय परीक्षा के दौरान हाईप्रोफाइल ड्रामा हुआ। दोपहर की पाली में बीकॉम फाइनल की परीक्षा देने पहुंची शहर के नवाब परिवार की बेटी की परीक्षा पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए शाहजहांपुर से उसके पति और ससुराल पक्ष के लोग कॉलेज में पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि वह गलत तरीके से परीक्षा दे रही है। उसने जीएफ कॉलेज शाहजहांपुर से रेगुलर परीक्षा फार्म भरा था और यह बात बरेली कॉलेज से छुपाकर यहां से प्राइवेट फार्म भरकर परीक्षा दे रही है। लड़की के पति ने कॉलेज प्रशासन से उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इस पर हल्ला मचा तो लड़की के माता-पिता और मायके पक्ष के लोग भी कॉलेज में आ गए। दोनों पक्षों में नोकझोंक होने लगी, जिसे रोककर चीफ प्रॉक्टर डॉ. अजय शर्मा ने उनको गेट से बाहर किया। हालांकि परीक्षा के अभ्यर्थन को लेकर कॉलेज ने अपने स्तर से जांच कराई। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर लड़की के दोनों कॉलेजों के रोल नंबर प्रदर्शित हो रहे थे। इससे फर्जीवाड़े का संशय बढ़ गया लेकिन बाद में पाया गया कि लड़की ने बरेली कॉलेज से लेट फीस के साथ परीक्षा शुल्क जमा करके बाकायदा फार्म भरा था लेकिन विश्वविद्यालय स्तर से उसका जीएफ कॉलेज का फार्म निरस्त नहीं किया जा सका है। इसको ही उसके पति और ससुुराल वाले मुद्दा बनाकर लड़की के खिलाफ कार्रवाई पर अड़े थे लेकिन चीफ प्रॉक्टर और कार्यालय अधीक्षक अंजुम आदिल ने उनसे कहा दिया कि इस मामले में कार्रवाई का अधिकार विश्वविद्यालय को है। कॉलेज कुछ नहीं कर सकता। जबकि लड़की का कहना था कि उसके पति से विवाद चल रहा है इसलिए वह उसके खिलाफ झूठी शिकायत कर रहे हैं। जीएफ कॉलेज का अपना फार्म वह निरस्त करा चुकी है। लड़की के पति का कहना था कि उसकी शादी 2011 में हुई थी। अब पत्नी ससुराल नहीं आ रही है। बहरहाल, कॉलेज में झगड़े की आशंका से चीफ प्रॉक्टर ने बारादरी थाना पुलिस को बुलाकर उसकी सुरक्षा में लड़की को उसके घर भिजवाया। कॉलेज में घ्ंाटों चले इस हाईप्रोफाइल ड्रामे के कई लोग तमाशबीन बने रहे।