बरेली कॉलेज के नए प्राचार्य डॉ. राजभूषण सिंह ने बुधवार को चार्ज लेते ही तेवर दिखाए। मूर्ति कला डिप्लोमा कोर्स की परीक्षा के दौरान एनएसयूआई के छात्र नेता अजीत रावत को नकल करते पकड़ लिया। उसकी कॉपी भी नत्थी कर दी। यह भी कहा कि किसी भी हाल में नकल होने दी जाएगी। अराजकता करने वालों को भी छूट नहीं दी जाएगी।
बुधवार को सुबह लगभग 10 बजे मैनेजमेंट कमेटी के सचिव देवमूर्ति ने कंप्यूटर हॉल में डॉ. सोमेश यादव से डॉ. राजभूषण सिंह को चार्ज दिलाया। बधाई देने पहुंचे शिक्षक-शिक्षिकाओं और कर्मचारियों से कॉलेज को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए सहयोग की अपील की। इसके बाद बीबीए, बीसीए, बीएड और एलएलबी की बुधवार से शुरू हुईं परीक्षाओं का निरीक्षण किया। बाद में परीक्षा की दोनों पालियों के वरिष्ठ अधीक्षक और चीफ प्रॉक्टर से भी चर्चा की।
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मैनेजमेंट की सलाह से ही हर काम
प्राचार्य डॉ. राजभूषण सिंह ने संकेत दिए कि वह बरेली कॉलेज के संचालन के लिए हर बड़ा कदम मैनेजमेंट से राय मशविरा करके और शिक्षकों से सामंजस्य बनाकर ही उठाएंगे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बरेली कॉलेज सबकी संस्था है और इसे सबके सहयोग और सामंजस्य से ही चलाया जा सकता है। शिक्षकों से अभद्रता की घटनाओं को रोकने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो कड़े कदम जरूर उठाए जाएंगे, लेकिन कोशिश यही की जाएगी कि ऐसी नौबत न आने पाए। इसके लिए सख्त नियम बनाए जाएंगे। यह भी कहा कि बहुत कुछ अच्छा होने की उम्मीद करें। कॉलेज में नया करने का विचार है। इसकी बिल्डिंग को ऐतिहासिक इमारतों में शामिल कराने के लिए भी काम करना है।
...और बात जुबां पर आ गई
चार्ज दिलाते वक्त मौजूद शिक्षकों से रूबरू मैनेजमेंट कमेटी के सचिव देवमूर्ति ने प्राचार्य की कुर्सी पर बदलाव के निहितार्थ साफ कर दिए। उन्होंने कहा कि मुझे भी तजुर्बा है। छात्र राजनीति भी की है इसलिए खूब जानता हूं कि कॉलेज में अगर माहौल बिगड़ता है तो उसके पीछे कहीं न कहीं किसी का संरक्षण होता है।