ये मामले यूपी बोर्ड मुख्यालय ने इलाहाबाद में परीक्षा फार्मों की जांच के दौरान पकड़े हैं। इन परीक्षार्थियों से शिक्षा माफियाओं ने नकल की सहूलियत के लिहाज से मुफीद परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा दिलाने के लिए अलग-अलग जिलों से फार्म भरवाए हैं। इनमें अधिकांश परीक्षार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने बरेली के साथ ही शाहजहांपुर और अमरोहा से फार्म भरे हैं। यहां तक की शाहजहांपुर और बरेली के कई परीक्षार्थियों ने अपने जिले के साथ पूर्वांचल के बाराबंकी, गोंडा और अलीगढ़ जिले से भी फार्म भरे हैं।
अनुमान है कि यह खेल इसलिए किया गया ताकि एक जगह से नकल वाला परीक्षा केंद्र अलाट नहीं हुआ तो वह दूसरी जगह से परीक्षा दे पाएं। बोर्ड के अफसर भी मानते हैं कि शिक्षा माफियाओं ने इन परीक्षार्थियों की इसमें मदद की है लेकिन इन सभी परीक्षार्थियों के नकल करके पास होने के मंसूबे पूरे नहीं हो पाएंगे। यूपी बोर्ड ने इन्हें चिन्हित कर लिया है। इलाहाबाद मुख्यालय से इनके नामों की लिस्ट बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय को भेज दी गई है। सिर्फ हाईस्कूल की परीक्षा में इतने परीक्षार्थी चिन्हित होने से बोर्ड के अफसर भी हैरत में हैं। इंटर में इनकी संख्या और ज्यादा होने का अनुमान है, जिनकी अभी भी जांच चल रही है।
इन परीक्षार्थियों के दोनों फार्म निरस्त कर दिए जाएंगे। इस साल बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो सकेंगे। इनमें संस्थागत और व्यक्तिगत दोनों ही परीक्षार्थी शामिल हैं। -संजय उपाध्याय, क्षेत्रीय सचिव- यूपी बोर्ड