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शिक्षक दंपति ने बना दिया बेटे को टॉपर

Tue, 26 May 2015 01:06 AM IST
बरेली
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जिले में 12 वीं टॉप करने वाले जीआरएम स्कूल के अर्चित सक्सेना ने 97.8 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। महानगर कालोनी में रहने वाले अर्चित के पिता प्रदीप सक्सेना आरबीएल इंटर कालेज और मां माधुरी सक्सेना प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका हैं। माता पिता के शिक्षक होने से अर्चित को घर में भी पढ़ाई का खूब माहौल मिला। अंग्रेजी में 95, केमेस्ट्री में 99 और मैथ्स व फिजिक्स में 98 अंक पाने वाले अर्चित बताते हैं कि मम्मी-पापा ने पढ़ाई में उनका पूरा सहयोग किया। कभी कुछ समझ में नहीं आया तो उन्होंने पूरी मदद की। उन्हाेंने जेईई मेन परीक्षा पास कर ली है, एडवांस दिया है। उन्होंने बताया कि कोचिंग केवल आईआईटी की प्रवेश परीक्षा के लिए की थी। बोर्ड परीक्षा के लिए कोई कोचिंग नहीं ली। अर्चित बताते हैं कि सुबह जल्दी उठकर पढ़ना और नोट्स बनाना उनका सक्सेस फं डा रहा। वह चार घंटे ही नियमित पढ़ते हैं और पढ़ाई के दौरान भी कभी टेलिविजन देखना नहीं छोड़ा।

फोटो-- सोनल चतुर्वेदी 97.4
 सोनल ने मस्ती और पढ़ाई में बैठाया तालमेल
जिले की दूसरी टॉपर जीआरएम स्कूल की सोनल चतुर्वेदी ने 97.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। सोनल के पिता राजीव पिछले चार सालों से पैरालाइज्ड हैं। मां पूनम इंटर कालेज में शिक्षिका हैं। सोनम बताती हैं कि उनका एक छोटा भाई है, जो बिशप कॉनराड में पढ़ता है। घर में इतनी समस्या होने के बावजूद भी उन्होंने पढ़ाई और मस्ती करने में कोई कमी नहीं छोड़ी। सोनल कहती हैं -मुझे पता है कि मैंने पढ़ाई के पीछे कभी अपना खाना पीना नहीं छोड़ा। सोनल ने आईआईटी की प्रवेश परीक्षा दी है और यूपीटीयू भी। उन्हाेंने बताया कि उनके दोस्तों का सर्किल काफी बड़ा है। वह ठंडे दिमाग से पढ़ाई करती हैं, यही सक्सेस फं डा है।
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फोटो-- अमन गंगवार 97
कोचिंग नहीं खुद से पढ़ाई ने बनाया अव्वल
इंजीनियर बनने का सपना देखने वाले अमन गंगवार ने 97 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। अमन के पिता अजय गंगवार पीडब्ल्यूडी में जेई और मां मंजू गृहणी हैं। इंगलिश में 95, केमेस्ट्री में 98, मैथ्स में 98, कंप्यूटर में 99 और फिजिक्स में 95 फीसदी अंक पाने वाले अमन बताते हैं कि कभी भी कोचिंग के सहारे पढ़ाई नहीं करनी चाहिए। उन्हाेंने बताया कि बोर्ड के लिए उन्होंने किसी प्रकार की कोई कोचिंग नहीं ली थी। आईआईटी के प्रवेश परीक्षा के लिए उन्होंने कोचिंग ली और उसी से पढ़ाई की। अमन बताते हैं कि कोचिंग से सहारा तो मिलता है लेकिन खुद पर भी विश्वास होना चाहिए। कोचिंग आपकी पढ़ाई की क्षमता बढ़ाता है।

फोटो-- भाव्या रखेजा 96.8 फीसदी
भाई के बाद बहन ने भी किया टॉप
जीआरएम स्कूल को 96.8 फीसदी अंक प्राप्त करने वाली भाव्या रखेजा के रूप में जहां एक और टॉपर मिली, उनके भाई आकाश रखेजा भी 96.2 फीसदी अंकाें के साथ उनके स्कूल का टॉपरों रह चुके हैं। आकाश का नाम आज भी स्कूल में लगे बोर्ड पर टॉपर्स की लिस्ट में लिखा हुआ है। भाव्या बताती हैं कि वह अपने भाई की तरह इंजीनियर बनना चाहती हैं। उनका भाई गुवाहाटी आईआईटी से इंजीनियरिंग कर रहा है। भाव्या के पिता मनीश बिजनेस करते हैं तो माता रश्मि गृहणी हैं। शास्त्रीनगर की रहने वाली भाव्या बताती हैं कि उन्हाेंने कोचिंग के साथ खुद से ही काफी कड़ी मेहनत से तैयारी की। उनका सक्सेस फं डा है कि उन्होंने समय का सदुपयोग किया।

फोटो-- विधि अग्रवाल 96.2
चार्टेड अकाउंटेंट बनकर करेंगी सपना पूरा
विधि अग्रवाल ने 96.2 फीसदी अंक मिले हैं। विधि के पिता प्रवीण कुमार अग्रवाल सर्राफा दुकानदार हैं और मां जूली गृहणी हैं। विधि सीए की तैयारी कर रही है। दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश पाने की कोशिश में जुटी हैं। विधि कहती हैं कि उन्हें इकोनॉमिक आनर्स या फिर बीकॉम आनर्स से पढ़ाई करनी है। अगर कटऑफ के चलते एडमिशन न मिला तो सीए की प्रवेश परीक्षा जून में होगी, इसकी भी तैयारी करूंगी। विधि को इंगलिश में 95, मैथ्स में 95, इकोनामिक में 95, अकाउंट में 98 और बिजनेस स्टडीज में 98 अंक मिले हैं। विधि कहती हैं कि छह से आठ घंटे की पढ़ाई कर सफलता पाई जा सकती है।

फोटो-- नंदिनी 96.2
इंजीनियर बनना नंदिनी का लक्ष्य
जीआरएम स्कूल की नंदिनी उपाध्याय ने 96.2 फीसदी अंक पाकर टॉपर लिस्ट में अपनी जगह बनाई है। नंदिनी के पिता मुकेश बिजनेसमैन हैं और मां शिवानी उपाध्याय गृहणी हैं। नंदिनी कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना चाहती हैं। हालांकि इसके लिए आईआईटी की प्रवेश परीक्षा दी थी। मुख्य परीक्षा पास करने के बाद एडवांस अच्छा नहीं गया, इसलिए अब एक साल ड्राप कर पढ़ाई करेंगी। नंदिनी को कंप्यूटर में 99 अंक मिले हैं, बाकी पीसीएम में 95 अंक प्राप्त हुए हैं। नंदिनी कहती हैं कि अगर उन्हें आईआईटी में प्रवेश न मिला तो वह एनआईटी से पढ़ना पसंद करेंगी।

फोटो-- क्षितिज मित्तल 96.2
भाई की तरह ही आईआईएम से करना है मैनेजमेंट
बीबीएल स्कूल के क्षितिज मित्तल ने 96.2 फीसदी अंक हासिल किए हैं। वह आईआईटी से कंप्यूटर साइंस करना चाहते हैं। इसके बाद वह पोस्ट ग्रेजुएट आईआईएम करने का मन रखते हैं। क्षितिज अपने भाई संचल मित्तल के पद चिन्हों पर चलते हुए ही मैनेजमेंट में अपना करियर बनाना चाहते हैं। उनके पिता आनंद अग्रवाल और मां उमा अग्रवाल ने उनके करियर चुनाव को लेकर हमेशा उनका साथ दिया है। कैमेस्ट्री में 98 फीसदी अंक मिले हैं। वह बताते हैं कि जेईई मेन के बाद एडवांस उनका अच्छा गया है। अगर आईआईटी न मिला तो एनआईटी करूंगा। दिन भर में केवल तीन से चार घंटे पढ़ने वाले क्षितिज कोचिंग को सिर्फ एक हेल्प का तरीका मानते हैं।
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फोटो...देवांशी-प्रियांशी...
सहेलियों ने पाए बराबर नंबर
बिशप कॉनराड स्कूल की देवांशी अग्रवाल और प्रियांशी अग्रवाल ने नंबरों में भी बराबरी की दोस्ती निभाई। कामर्स ग्रुप की इन दोनों छात्राओं को एक समान 95.80 फीसदी अंक मिले तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दोनों एक ही सेक्शन 12डी में पढ़ती हैं और क्लास में दोनों की गहरी दोस्ती को सब जानते हैं। देवांशी ने कहा कि हम दोनों में नंबरों को लेकर कोई कंप्टीशन नहीं था इसलिए एक से नंबर मिलने से बहुत खुशी हुई है। देवांशी सिकलापुर में रहने वाले बिजनेसमैन शरद कुमार अग्रवाल की बेटी हैं और प्रियांशी के पिता पंकज कुमार अग्र्रवाल न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में डिवीजनल मैनेजर हैं। इत्तफाक से दोनों की मम्मी का नाम भी एक जैसा है- इंदु अग्रवाल।
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