परीक्षा में फेल होकर हिम्मत हार जाने वालों के लिए पद्मावती एकेडमी की छात्रा तूलिका एक सबक है। पिछले साल सीबीएसई 12वीं में वह फेल हो गई। निराश तो हुई लेकिन हार नहीं मानी। अपनी गलतियों से सीखते हुए नए सिरे से पढ़ाई में जुटी और आखिरकार टॉपरों में शुमार होकर दिखाया। पिछले साल जहां उसको फिजिक्स में 5 और केमेस्ट्री में 6 अंक मिले थे इस बार क्रमश: 93 और 94 अंक मिले।
मस्तमौला और फि क्र को बैग में टांग कर चलने वाली तूलिका गंगवार के पिता डॉ. एमपी गंगवार शाहजहांपुर जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट हैं और मां उर्मिला गृहणी। तूलिका बताती हैं कि पिछले साल 12वीं को हल्के में लिया। इसका नतीजा निकला की इंगलिश में 60, फीजिक्स में 5, केमेस्ट्री में 6, मैथ्स में 76 और शारीरिक शिक्षा में 70 अंक प्राप्त किए। पढ़ाई को गंभीरता से नहीं लिया इसलिए फेल हो गई। साथियों को आगे बढ़ता देख निराशा तो बहुत हुई लेकिन पढ़ाई के प्रति जिम्मेदारी भी समझ आ गई। मां और पापा ने भी हौसला बांधा साथ ही टीचर्स ने भी खूब साथ दिया। कोई कोचिंग भी नहीं की तो भी इसबार इंगलिश में 94, फिजिक्स में 93, मैथ्स में 95, केमेस्ट्री में 94 और शारीरिक शिक्षा में 94 अंक प्राप्त किए। तूलिका बताती हैं कि मैथ्स व फिजिक्स में तो सौ फीसदी अंक लाने थे, लेकिन थोड़ा पेपर गलत हुआ। पद्मावती एकेडमी के प्रमुख पारुष अरोड़ा बताते हैं कि तूलिका हताश थी लेकिन जब उसे सभी ने समझाया तो उसने आगे बढ़ने की ललक की वजह से ही यह मुकाम हासिल किया।
तूलिका के टिप्स
असफलता पर निराश होने के बजाए दोगुने जोश से जुटो
पढ़ाई से समय निकालकर एंज्वाय भी करना चाहिए