एमजेपी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी ने कई दिनों के संशय के बाद शनिवार को बीकॉम फाइनल का रिजल्ट तो जारी कर दिया लेकिन अप्रत्याशित कदम उठाते हुए फीस जमा न करने वाले अनुसूचित जाति-जनजाति के परीक्षार्थियों के अलावा 17 कॉलेजों के उन सारे परीक्षार्थियों का रिजल्ट भी रोक दिया है, जो परीक्षा फीस जमा कर चुके हैं। इन कॉलेजों में बरेली कॉलेज और मुरादाबाद का हिंदू कॉलेज भी शामिल हैं।
रिजल्ट रोके गए परीक्षार्थियों की संख्या सात हजार है। बाकी कॉलेजों ने रिजल्ट रोके जाने से बचने के लिए ऐन मौके पर परीक्षार्थियों की परीक्षा फीस अपने स्तर से जमा कर दी थी। सारे ही परीक्षार्थियों का रिजल्ट रोकने के पीछे विश्वविद्यालय का मकसद कॉलेजों की ओर से परीक्षा फीस जमा कराने का है लेकिन इससे इन 17 कॉलेजों के पांच हजार से ज्यादा निर्दोष परीक्षार्थियों के रिजल्ट भी अब अटक गए हैं। बता दें कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों की परीक्षा फीस शासन से आने वाली फीस प्रतिपूर्ति से जमा होनी थी लेकिन शासन ने अभी तक फीस प्रतिपूर्ति भेजी नहीं है इसलिए इनका मामला फंसा हुआ है। अब तक इनके रिजल्ट को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन संशय की स्थिति में था। बता दें कि यह परीक्षार्थी तो सिर्फ बीकॉम फाइनल के ही हैं, सारी परीक्षाओं में परीक्षा फीस जमा न होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या लगभग सवा लाख है। शनिवार को विश्वविद्यालय ने बीकॉम फाइनल के 50 हजार से ज्यादा परीक्षार्थियों का रिजल्ट रोक दिया है। वहीं, तीन कॉलेजों के एक हजार से ज्यादा परीक्षार्थियों के रिजल्ट मौखिक परीक्षाओं का रिजल्ट नहीं भेजे जाने से रोका गया है।