बरेली। पंडित दीनदयाल उपाध्याय का चिंतन समाज मेें व्यष्ठि से ऊपर समष्ठि को परिभाषित करता है। उनके चिंतन में व्यक्ति के बजाय संपूर्ण समाज के विकास और उसकी एकात्मकता को महत्व दिया गया है, ताकि समाज के आखिरी व्यक्ति तक विकास की धारा को पहुंचाया जा सके। उनके इसी चिंतन पर केंद्र की मोदी सरकार अंत्योदय योजनाओं को लागू कर रही है। इससे समाज में आमूल चूल परिवर्तन दिखाई दे रहा है। यह बातें रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शनिवार को प्रबंध अध्ययन संकाय सभागार में आयोजित एक संगोष्ठी में मुख्य अतिथि परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अशोक कटियार ने कहीं।
‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चिंतन की फलश्रुति: सबका साथ-सबका विकास’ विषय पर आयोजित इस विशेष व्याख्यान में परिवहन मंत्री ने कहा कि केंद्र की शौचालय योजना, स्वास्थ्य बीमा योजना आदि दीनदयाल जी के चिंतन के आधार पर ही समाज के अंतिम व्यक्ति को लाभ पहुंचा रहीं हैं। मुद्रा योजना के तहत गांव गांव में नए स्टार्ट अप और स्वरोजगार के लिए प्रेरित करती योजनाएं चलाई जा रही हैं। ये सारे प्रयास दीनदयाल उपाध्याय जी के फलश्रुति का ही हिस्सा हैं। इससे पूर्व प्रभारी मंत्री के साथ रुहेलखंड विवि के कुलपति प्रोफेसर अनिल शुक्ला ने दीप प्रज्वलित किया। शिक्षक संघ की ओर से डॉ. निवेदिता श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव मीनाक्षी द्विवेदी, विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल, प्रोफेसर संजय मिश्रा, प्रो. नलिनी श्रीवास्तव, कर्मचारी संघ के ओपी मिश्रा, महासचिव मनोज पांडेय आदि ने अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संयोजन पंडित दीनदयाल शोधपीठ के डॉ. प्रवीण कुमार तिवारी ने किया। संचालन डॉ. विमल कुमार, डॉ. आभा त्रिवेदी ने किया।
छात्रावास का किया उद्घाटन
संगोष्ठी से पूर्व परिवहन मंत्री ने वैदिक रीति से मंत्रोच्चार के बीच नवनिर्मित नानाजी देशमुख छात्रावास का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कहा कि नानाजी देशमुख का जीवन सबके लिए प्रेरणास्त्रोत है। वह राष्ट्रऋषि थे।