बरेली। बरेली कॉलेज के प्राचार्य पद का विवाद शासन तक पहुंच गया है। सोमवार को डॉ. पूर्णिमा अनिल ने डॉ. मंजु सिंह के साथ सर्किट हाउस में उच्च शिक्षा राज्यमंत्री नीलिमा कटियार को अपना प्रत्यावेदन सौंपा। राज्यमंत्री को अपनी पीड़ा बताते हुए डॉ. पूर्णिमा अनिल भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि बहुत समय बीत चुका है और अब यह उत्पीड़न जैसी स्थिति हो गई है।
बता दें कि बरेली कॉलेज में डॉ. अनुराग मोहन को प्राचार्य बनाया गया है, जबकि डॉ. पूर्णिमा अनिल ने खुद को उनसे वरिष्ठ बताते हुए प्राचार्य पद पर अपना दावा किया है। इस संबंध में वह कमिश्नर, डीएम, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी और विश्वविद्यालय में शिकायत कर चुकी हैं। कमिश्नर और डीएम अपनी जांच रिपोर्ट में डॉ. अनुराग मोहन को प्रभार दिए जाने को अवैध करार दे चुके हैं लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है। सोमवार को डॉ. पूर्णिमा अनिल ने ललित कला की विभागाध्यक्ष डॉ. मंजु सिंह के साथ उच्च शिक्षा राज्यमंत्री नीलिमा कटियार को अपना प्रत्यावेदन सौंपा। मामले में अब तक कोई निर्णय न होने को दुखद बताते हुए डॉ. पूर्णिमा अनिल भावुक हो गईं। कहा, वरिष्ठता सूची में वह पहले नंबर पर हैं और दूसरे नंबर पर डॉ. मंजु सिंह हैं लेकिन वरिष्ठता को दरकिनार कर डॉ. अनुराग मोहन को प्राचार्य बनाया गया है। डॉ. पूर्णिमा अनिल ने बताया कि राज्यमंत्री ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि वह कमिश्नर को दिए अपने पत्र के उत्तर का इंतजार कर रही हैं। अगर मंगलवार तक कोई जवाब नहीं आया तो वह कमिश्नर से दोबारा मुलाकात करेंगी।
डॉ. पुंडीर ने सौंपी खबरों की कटिंग
विश्वविद्यालय में कार्यक्रम के दौरान राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ. आरएस पुंडीर ने बरेली कॉलेज में मचे घमासान की खबरों का पुलिंदा राज्यमंत्री नीलिमा कटियार को सौंपा। हालांकि डॉ. पुंडीर ने इससे इंकार किया है, उन्होंने कहा कि किसी के कहने पर वह पुलिंदा उन्होंने सौंपा था लेकिन उसमें क्या था, वह नहीं जानते।
कमिश्नर के बदले रुख से कमजोर पड़ा डॉ. पूर्णिमा का दावा
बरेली। बोर्ड ऑफ कंट्रोल के अध्यक्ष एवं कमिश्नर रणवीर प्रसाद के बदले रुख से बरेली कॉलेज में प्राचार्य पद का विवाद सुलझने के बजाय और ज्यादा उलझ गया है। इससे डॉ. पूर्णिमा अनिल का दावा कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने इस मामले में बोर्ड ऑफ कंट्रोल की बैठक में निर्णय लेने की बात कही है, लेकिन बैठक बुलाने की जिम्मेदारी सचिव की बताई है। वहीं, सचिव डॉ. रजनी अग्रवाल का कहना है कि बोर्ड ऑफ कंट्रोल का कार्यकाल तो समाप्त हो चुका है। अगर अध्यक्ष बैठक बुलाने का निर्देश देंगे तो अन्य सदस्यों की सहमति से बैठक बुलाने पर विचार किया जाएगा। पूर्व डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह की जांच रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड ऑफ कंट्रोल के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने आठ नवंबर को प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं डीएम नितीश कुमार एक पत्र भेजा था। इसमें कहा था कि जांच से स्पष्ट है कि किसी वरिष्ठतम शिक्षक की प्राचार्य पद पर विधिवत नियुक्ति नहीं हुई है। प्राचार्य पद पर नियुक्ति चार अक्तूबर को सचिव के पत्र के तहत की गई है, जो विधिक रूप से शून्य प्रतीत होती है। अत: प्रबंध समिति की बैठक बुलाकर प्राचार्य की नियुक्ति के लिए आवश्यक कार्रवाई करें। इस पर डीएम ने जवाब दिया कि मैंनेजमेंट कमेटी विवादित है, लिहाजा यह निर्णय बोर्ड ऑफ कंट्रोल द्वारा लेना उचित होगा। अब कमिश्नर का कहना है कि बरेली कॉलेज प्रकरण में अभी निर्णय लेना कोई तात्कालिकता या अनिवार्यता नहीं हैं। यह निर्णय बोर्ड ऑफ कंट्रोल की बैठक में होगा और बैठक बुलाना सचिव की जिम्मेदारी है। इस पर बोर्ड ऑफ कंट्रोल की सचिव रजनी अग्रवाल का कहना है बोर्ड ऑफ कंट्रोल का कार्यकाल खत्म हो चुका है लेकिन अगर अध्यक्ष बैठक बुलाने का निर्देश देंगे तो अन्य सदस्यों की सहमति से इस पर विचार किया जाएगा।