बरेली। माध्यमिक शिक्षा परिषद बोर्ड ने परीक्षा केंद्र के निर्धारण में अपने ही नियम तोड़ एि। मानकों के अनुसार छात्राओं के लिए 5 और छात्रों के लिए 10 किलोमीटर के दायरे में ही परीक्षा केंद्र बनाए जा सकते हैं, लेकिन इस बार कई कॉलेजों के सेंटर 20 से लेकर 90 किलोमीटर दूर तक बना दिए गए। प्रस्तावित केंद्रों की सूची पर मांगी गई आपत्तियों में यह बात सामने आ रही है। बुधवार तक 72 आपत्तियां आईं, जिसमें सेंटर ज्यादा दूर बनाने की शिकायतें सबसे ज्यादा हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षा 2020 के लिए 134 केंद्रों की सूची जारी की है। सूची पर गुरुवार तक आपत्तियां मांगी गई हैं। बुधवार तक 72 आपत्तियां आ चुकी हैं। अजीत सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कतुरोई बुजुर्ग आंवला के 229 विद्यार्थियों का परीक्षा केंद्र मीरगंज के स्वामी विवेकानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ठिरिया बुजुर्ग में बना दिया गया। कॉलेज ने आपत्ति दर्ज कराई कि केंद्र की दूरी करीब 90 किलोमीटर है। कॉलेज में छात्राएं भी हैं। वह इतनी दूर परीक्षा देने कैसे जाएंगी। अब सेंटर संशोधित कराने की बात कही जा रही है। कतुरोई का यह कॉलेज उदाहरण भर हैै। 72 आपत्तियों में 16 कॉलेजों ने इस तरह ही आपत्ति दर्ज कराई है, जिनका सेंटर 10 किलोमीटर से ज्यादा दूर बनाया गया। इसमें आंवला, नवाबगंज और फरीदपुर के कॉलेज ज्यादा हैं। गुरुवार को आपत्ति दर्ज कराने का आखिरी दिन है। इसके बाद आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
क्षमता से ज्यादा परीक्षार्थी.. कैसे कराएं परीक्षा
सूची में कई कॉलेज ऐसे हैं, जो पहले सेंटर बनवाने के लिए जद्दोजहद करते रहे। सूची जारी हुई तो यहां क्षमता से ज्यादा परीक्षार्थी आवंटित कर दिए गए। अब कॉलेज आवंटन कम करने के लिए प्रत्यावेदन दे रहे हैं। सिंह मेमोरियल कॉलेज में 500 छात्रों की क्षमता है, जबकि यहां 650 का सेंटर डाल दिया गया। इसी तरह शहर के कई कॉलेज हैं जहां क्षमता 800 या इससे कम की है, लेकिन यहां 1000 परीक्षार्थी डाल दिए गए।
सूची से हुए बाहर तो अब फिर सेंटर बनाने की कर रहे मांग
इस बार कई कॉलेज सेंटरों की सूची से हटा दिए गए। अब वो दोबारा सेंटर बनाने की मांग कर रहे हैं। इसमें म्यूज कॉलेज फरीदपुर, नारायण देवी फरीदपुर, एसएसटी नवाबगंज, यूनिक मॉडल मीरगंज, कांति कपूर, सुशीला चित्रांश जैसे कॉलेज भी शामिल हैं। यह कॉलेज फिर से सेंटर बनाने की मांग कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ राजकीय हाईस्कूल है, जो संसाधन न होने से सूची से बाहर हो सकते हैं। इसमें राजकीय हाईस्कूल सिमरा, राजकीय हाईस्कूल केसरपुर हैं।