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ऑनलाइन पढ़ाई के लिए तैयार होगा विश्वविद्यालय का मीडिया सेंटर

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बरेली। करीब 15 साल से बंद पड़ा रुहेलखंड विश्वविद्यालय का मीडिया सेंटर अब ऑनलाइन पाठ्यक्रम का केंद्र बनेगा। इसके लिए मीडिया सेंटर को आधुनिक बनाने की कवायद शुरू हुई है। मंगलवार को सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशनल टेक्नोलॉजी (सीआईईटी) के तकनीकी विशेषज्ञों ने यहां का निरीक्षण किया। अब यह टीम इसे अपडेट करने के संबंध में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय का मीडिया सेंटर करीब 15 साल पहले तक सबसे आधुनिक माना जाता था, लेकिन मौजूदा समय में न केवल अपनी उपयोगिता खो चुका है बल्कि बंद पड़ा है। अब केंद्र सरकार तकनीकी शिक्षा से जुड़े कोर्स एवं पाठ्यक्रम को ‘स्वयं’ पोर्टल पर लाने की तैयारी कर रही है। इस पर विशेषज्ञों के ऑडियो-वीडियो लेक्चर भी मौजूद होंगे। देश के सभी विश्वविद्यालयों को ‘स्वयं’ पोर्टल से जोड़ा जा रहा है ताकि छात्र-छात्राओं को उनके पाठ्यक्रम से संबंधित तमाम विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लेक्चर उपलब्ध कराए जा सकें। ‘स्वयं’ पोर्टल के अनुरूप ही रुहेलखंड विश्वविद्यालय के मीडिया सेंटर को आधुनिक बनाने की तैयारी शुरू हुई है ताकि यहां भी विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों का डिजिटलाइजेशन किया जा सके। इसे लेकर मंगलवार को सीआईईटी से डॉ. पुष्पलता और डॉ. कुमार एसवी तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने मीडिया सेंटर में स्टूडियो, एडिटिंग रूम, स्मार्ट क्लास, सेमिनार रूम आदि का निरीक्षण किया और स्टाफ की जानकारी ली। टीम ने मीडिया सेंटर को आधुनिक बनाने के लिए वहां कैमरा सेटअप, एडिटिंग साफ्टवेयर, लाइट सिस्टम, ग्रीन सिस्टम आदि की जरूरत बताई। अब यह टीम अपनी रिपोर्ट कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल को सौंपेगी। निरीक्षण के दौरान प्रोफेसर नलिनी श्रीवास्तव, प्रोफेसर संजय मिश्रा, मीडिया सेंटर के इंचार्ज डॉ. गौरव राव, डॉ. तरुण राष्ट्रीय, डॉ. ललित मोहन आदि मौजूद रहे।
ऑनलाइन क्लास का भी खुलेगा रास्ता
आधुनिक मीडिया सेंटर तैयार होने के बाद तमाम संभावनाएं बढ़ जाएंगी। इसके जरिये विश्वविद्यालय न सिर्फ ऑडियो-वीडियो लेक्चर रिकार्ड कर सकेगा बल्कि यहां से अपना चैनल भी शुरू कर सकता है। साथ ही छात्र-छात्राओं को दूसरे विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों से ऑनलाइन क्लास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकती है।
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कई साल से बंद पड़े मीडिया सेंटर को आधुनिक रूप में तैयार करने की कवायद शुरू हुई है ताकि स्वयं पोर्टल के पाठ्यक्रम की सामग्री यहां तैयार कराई जा सके। इसके लिए ही सीआईईटी के विशेषज्ञों ने निरीक्षण किया है। - प्रोफेसर नलिनी श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष, शिक्षा संकाय
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