बरेली। प्राचार्य विवाद के चलते बरेली कॉलेज के शिक्षकों एवं कर्मचारियों का वेतन फंस गया है। बुधवार को डॉ. अनुराग मोहन के हस्ताक्षर से वेतन जारी करने का पत्र क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश के पास पहुंचा तो उन्होंने वेतन जारी कराने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि प्राचार्य पद को लेकर विवाद चल रहा है। वह मामले की जांच चल रहे हैं और शासन के नियम देखने के बाद ही इस पर निर्णय लेंगे। वहीं, डॉ. पूर्णिमा अनिल की शिकायत संबंधी जांच पूरी हो गई है। बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी यह रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे।
बरेली कॉलेज में 133 स्थायी, 70 अस्थायी शिक्षक और करीब 250 कर्मचारी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवाली के चलते सभी विभागों को 25 अक्तूबर तक इस माह की तनख्वाह जारी करने के निर्देश दिए हुए हैं। बरेली कॉलेज से भी पूरे स्टाफ के वेतन की गणना करके बुधवार शाम को फाइल क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश के पास पहुंची। बताया जाता है कि उन्होंने प्राचार्य का मामला विवादित होने और वेतन डॉ. अनुराग मोहन के हस्ताक्षर से बना होने की बात कहकर फाइल पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इसको लेकर कॉलेज के शिक्षकों में खलबली मची है, उनका कहना है कि क्या क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. अनुराग मोहन को प्राचार्य नहीं मानते जो उनके हस्ताक्षर से वेतन नहीं जारी किया।
यहां बता दें कि बरेली कॉलेज में कुछ ही दिनों पूर्व डॉ. अनुराग मोहन को प्राचार्य पद की जिम्मेदारी दी गई है, जिसे डॉ. पूर्णिमा अनिल ने चुनौती देते हुए कमिश्नर, डीएम और कुलपति समेत तमाम अधिकारियों से शिकायत की है। उन्होंने स्वयं को डॉ. अनुराग मोहन से वरिष्ठ बताते हुए प्राचार्य पद पर अपना अधिकार बताया है। इस मामले में डीएम ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं। पूर्व प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा से जवाब-तलब के बाद उन्होंने यह जांच पूरी कर ली है और अब बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे।
बरेली कॉलेज के वेतन की फाइल आई थी। शासकीय नियमों को देखकर बृहस्पतिवार को इस पर निर्णय लिया जाएगा। हमारी जांच भी पूरी हो गई है। रिपोर्ट तैयार है, कल डीएम को सौंप दी जाएगी।
- डॉ. राजेश प्रकाश, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी
वेतन जारी करने से मना करने संबंधी हमें कोई जानकारी नहीं है। बाबू ने बताया है कि उन्होंने बृहस्पतिवार को सुबह दस बजे बुलाया है। बड़ा कॉलेज होने के चलते वेतन जारी में कुछ समय भी लगता है।
- डॉ. अनुराग मोहन, प्राचार्य बरेली कॉलेज