बरेली। बेसिक शिक्षा विभाग के अंग्रेजी स्कूलों में प्रधानाध्यापकों की तैनाती भी विवादित हो गई है। उत्तर प्रदेश पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ शासन के आदेशों की अवहेलना कर नियम विरुद्ध ढंग से प्रधानाध्यापकों की तैनाती करने का आरोप लगाया है, हालांकि बीएसए ने उनकी शिकायत को खारिज कर दिया है।
शिक्षक संघ का कहना है कि 2015 में प्राइमरी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और जूनियर के सहायक अध्यापकों को पदोन्नति देकर जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक के तौर पर तैनाती दी गई थी लेकिन इन्हें प्रोन्नत वेतनमान का लाभ नहीं दिया गया। इस साल अप्रैल में बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव ने सभी प्रोन्नत अध्यापकों की तैनाती निरस्त करते हुए उन्हें वापस उनके मूल पदों पर भेजने का आदेश दिया। संघ का कहना है कि इसके बावजूद जिले में प्रधानाध्यापक बनाए गए करीब 350 शिक्षकों में से कई को शासन के आदेशों की अवहेलना कर अंग्रेजी स्कूलों में बतौर प्रधानाध्यापक तैनात कर दिया गया। संघ के मंडल अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने बीएसए तनुजा त्रिपाठी को पत्र देकर इन प्रधानाध्यापकों की तैनाती निरस्त करने की मांग की है।
अंग्रेजी स्कूलों में प्रधानाध्यापकों की तैनाती में किसी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ है, इसलिए इस शिकायत पर किसी तरह की कार्रवाई संभव नहीं है। - तनुजा त्रिपाठी, बीएसए