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बड़े नेताओं की पैरवी काम न आई, कब्जा करने वालों पर रिपोर्ट दर्ज

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बरेली। पीलीभीत बाईपास पर महानगर के सामने स्मार्ट सिटी के लिए चयनित करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन पर खुदाई कर कुछ लोगों ने कब्जे की कोशिश शुरू कर दी। शिकायत मिलने पर नगर निगम की टीम ने मौके पर जाकर गड्ढे को बंद करा दिया। मगर अगले ही दिन यहां फिर खुदाई शुरू करा दी गई। इस पर नगर निगम ने तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना इज्जतनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया जाता है कि इस दौरान कार्रवाई रोकने के लिए तमाम बड़े नेताओं ने पैरवी की, लेकिन सारी कोशिशें नाकाम रहीं।
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राजस्व ग्राम शेरपुर में पीलीभीत बाईपास स्थित महानगर कॉलोनी के सामने नगर निगम की करीब 500 वर्ग गज जमीन है, इसकी कीमत करोड़ों रुपये बताई जाती है। बृहस्पतिवार को पार्षद के पति चमन सक्सेना ने यहां अवैध कब्जे की नगर निगम को सूचना दी। मौके पर पहुंची निगम टीम ने जमीन खुदी पाई तो मौजूद लोगों ने बताया कि स्टेडियम रोड निवासी अमृत लाल वर्मा के बेटे रोहित वर्मा, मनीष वर्मा और विजय वर्मा इस जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। निगम टीम ने जेसीबी मंगाकर गड्ढे को पटवा दिया। शुक्रवार को नगर निगम के जेई नगेंद्र शर्मा ने जमीन को दोबारा खुदा देखा तो अफसरों को सूचना दी। इसके बाद थाना इज्जतनगर में मानचित्रकार हरीश भारती की तहरीर पर रोहित वर्मा, मनीष वर्मा और विजय वर्मा के खिलाफ नगर निगम की जमीन को खुर्द-बुर्द करने की कोशिश के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करा ली गई है।

पार्षद के पति को बड़े नेताओं ने हड़काया
पार्षद के पति चमन सक्सेना ने बताया कि बृहस्पतिवार को जब वह अवैध कब्जा हटवा रहे थे तो भाजपा के कुछ बड़े नेताओं ने उन्हें फोन करके धमकाया और इस मामले से हट जाने को कहा। उन्होंने इस अवैध कब्जे की मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भी शिकायत की है।
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बनना है चार्जिंग स्टेशन
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना है। पिछले दिनों नगर निगम ने इसी जमीन को इलेक्ट्रिक बसों का चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए चिह्नित किया था। मगर काम शुरू होने से पहले ही इस पर कब्जा करने वालों की नजर लग गई।

पीलीभीत बाईपास पर स्मार्ट सिटी के लिए जमीन चिह्नित की गई थी। कुछ लोग उस पर कब्जा कर रहे थे, उनके खिलाफ थाना इज्जतनगर में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। - ललतेश सक्सेना, राजस्व प्रभारी, नगर निगम
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