बरेली। पर्यटन उद्योग में अपार संभावनाएं हैं। इससे आसपास रहने वाले लोगों के जीवन स्तर पर भी प्रभाव पड़ता है। बरेली और मुरादाबाद मंडल पर्यटन उद्योग से लोगों के जीवन स्तर में हुए आर्थिक सुधार के अध्ययन की जिम्मेदारी रुहेलखंड विश्वविद्यालय को दी गई है।
किसी भी शहर में पर्यटकों के आने-जाने और उनके ठहरने से वहां बसे लोगों की आजीविका का विकास होता है और उनके जीवन स्तर में सुधार होता है। पीतलनगरी के नाम से मशहूर मुरादाबाद शहर में यूं तो कोई प्रमुख पर्यटनस्थल नहीं है, लेकिन पीतल के कारोबार के चलते प्रदेश का यह महत्वपूर्ण शहर है। साथ ही यहां जामा मस्जिद और पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर है। ऐसे ही बरेली मंडल में शाहजहांपुर शहीदों की नगरी है, तो पीलीभीत जिला जंगलों के लिए मशहूर है। मगर बरेली इसमें काफी महत्वपूर्ण है, यहां आंवला के रामनगर में किला, जैन धर्म का प्रमुख तीर्थ स्थल अहिच्छत्र, शहर में दरगाह आला हजरत और खानकाहे नियाजिया, नाथ मंदिर आदि महत्वपूर्ण धर्मस्थल हैं। पीलीभीत के जंगलों में जहां पर्यटकों की भीड़ उमड़ती है, वहीं दरगाह आला हजरत के उर्स में भी लाखों की भीड़ उमड़ती है। इस उर्स में सिर्फ भारत ही नहीं विश्व के कई देशों से जायरीन पहुंचते हैं। इन स्थलों पर पर्यटकों से आने जाने इनके आसपास बसे लोगों के जीवन स्तर में होने वाले आर्थिक बदलाव और भविष्य की संभावनाओं पर रुहेलखंड विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। डीन मैनेजमेंट प्रो. पीबी सिंह के मुताबिक यह शोध नौ महीने में पूरा होगा, जिसकी जिम्मेदारी डॉ. सुनील कुमार सिंह को दी गई है।