बरेली। बरेली कॉलेज के सेमिनार हाल में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश के कार्यक्रम में हुए हंगामे का मामला शासन तक पहुंचने पर हड़कंप मचा है। पुलिस आरोपी छात्रनेताओं के यहां लगातार दबिश दे रही है और वे घरों से फरार हैं। घटना को लेकर बरेली कॉलेज में एलआईयू की सक्रियता भी बढ़ गई है। पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।
बुधवार को बरेली कॉलेज में सैन्य अध्ययन विभाग की ओर से सेमिनार हाल में कश्मीर से अनुच्छेद 370 और धारा 35ए हटाने को लेकर व्याख्यान आयोजित किया गया था। इसमें भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश मुख्य वक्ता थे। वहां पहुंचे सछास के शिवप्रताप सिंह यादव, हृदेश यादव, मुकेश यादव, मधुनेश यादव, विशाल अग्रवाल और मोहित भारद्वाज ने आयोजन को राजनीतिक बताकर हंगामा कर दिया। इस पर भाजपाइयों से उनकी मारपीट हो गई और उन्हें धक्के मारकर वहां से निकाल दिया गया। मामले में प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा ने इन सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश की मौजूदगी के चलते यहां हुआ विवाद शासन तक पहुंच गया है। इसके चलते पुलिस आरोपी छात्र नेताओं के घर लगातार दबिश दे रही है और वे सभी घरों से फरार हैं। एलआईयू भी इस घटना को लेकर कॉलेज पर लगातार नजर रख रही है क्योंकि छात्रनेता फेसबुक पर लगातार सक्रिय हैं और विरोध जता रहे हैं।
एसएसपी से मिले सपाई
सछास के पूर्व पदाधिकारियों पर रिपोर्ट दर्ज होने को लेकर पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, शुभलेश यादव, कदीर अहमद, सत्येंद्र यादव और प्रमोद बिष्ट ने शुक्रवार को एसएसपी शैलेष कुमार पांडेय से मुलाकात की। रिपोर्ट दर्ज होने का लेकर विरोध जताते हुए उन लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। भगवत सरन गंगवार ने एसएसपी से कहा कि जब किसी कॉलेज के प्राचार्य संस्थान में राजनीतिक आयोजन कराएंगे तो विरोध भी होगा। मगर विरोध पर रिपोर्ट दर्ज कराना गलत है।