फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

.. तो बरेली कॉलेज में शिक्षक ने कराया विवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। बरेली कॉलेज सभागार में कार्यक्रम के दौरान बुधवार को हुए हंगामे के पीछे कॉलेज के ही एक शिक्षक का नाम बताया जा रहा है। इस बारे में एलआईयू को भी इनपुट मिले हैं, जिसके चलते बृहस्पतिवार को कॉलेज में हड़कंप मचा रहा है। एलआईयू भी इस शिक्षक का नाम जानने की कोशिश में लगी हुई है।
विज्ञापन

बुधवार को बरेली कॉलेज में सैन्य अध्ययन विभाग की ओर से कश्मीर से अनुच्छेद 370 और धारा 35ए हटाने को लेकर व्याख्यान आयोजित किया गया था। मुख्य वक्ता भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश थे। इस कार्यक्रम में नगर विधायक डॉ. अरुण कुमार और भाजपा के जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर समेत तमाम पदाधिकारी भी मौजूद थे। दोपहर करीब दो बजे सछास के शिवप्रताप सिंह यादव, हृदेश यादव, मुकेश यादव, मधुनेश यादव, विशाल अग्रवाल और मोहित भारद्वाज आदि पहुंचे। उन लोगों ने आयोजन को राजनीति बताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस पर भाजपाइयों से उनकी मारपीट हो गई और उन लोगों को धक्के मारकर वहां से निकाल दिया गया। इस मामले में प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा की ओर से इन सभी के खिलाफ बुधवार रात ही रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी। वहीं, बृहस्पतिवार को कॉलेज में इस घटना के पीछे एक शिक्षक का नाम बताया गया। कहा जा रहा है कि उन्होंने ही छात्र नेताओं को फोन करके बुलाया था। इसको लेकर कुछ शिक्षकों के पास एलआईयू के फोन भी पहुंचे। हालांकि प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा इससे साफ इनकार कर रहे हैं।
घरों में दी गई दबिश, तोड़फोड़ की चर्चा
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बुधवार रात में ही पुलिस ने कुछ छात्रनेताओं के घर दबिश भी दी लेकिन सभी फरार मिले। बताया जाता है कि पुलिस ने उनके घरों में कुछ तोड़फोड़ भी की है। वहीं, छात्रनेता हृदेश यादव समेत कुछ अन्य इस मामले को लेकर बृहस्पतिवार को फेसबुक पर सक्रिय रहे और कॉलेज प्रशासन का विरोध करते रहे। उनका कहना था कि कॉलेज के राजनीतिक कार्यक्रम का विरोध करने पर रिपोर्ट दर्ज कराकर उनकी आवाज दबाई जा रही है।
विज्ञापन

बिना बुलाए पहुंचे थे स्थानीय पदाधिकारी
कॉलेज के व्याख्यान में राजनीतिक व्यक्तियों को बुलाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस पर प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा का कहना है कि मुख्य वक्ता के रूप में शिवप्रकाश जी को बुलाया गया था। अन्य किसी भी भाजपा नेता को निमंत्रण नहीं था, वे लोग उनके साथ ही पहुंच गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें