फरीदपुर। विदेश से विजिट वीजा से आए मेडिकल स्टूडेंट्स से गांववालों को इलाज करने के मामले में क्लेरा स्वेन पॉली क्लीनिक के पूर्व डायरेक्टर ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर सफाई दी। अस्पताल के बोर्ड सदस्य एवं पूर्व डायरेक्टर दिल्ली सेंट स्टीफन हॉस्पिटल के डॉक्टर आमोद ने फरीदपुर में प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि कैंप लगाने की अनुमति एसडीएम से ली गई थी। उसी के अनुसार कैंप लगाया गया था, जिसमें उनके डॉक्टर शामिल थे। किसी भी विदेशी ने इलाज नहीं किया है। विदेशी आए जरूर थे, लेकिन उन्होंने केवल डॉक्टरों का सहयोग किया। उन्होंने कहा कि हमारा काम सेवा करना है इसलिए इस अस्पताल को शुरू करने के प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कुछ लोग इसमें बाधा उत्पन्न करने की कोशिश कर रहे हैं। अस्पताल में पैथोलॉजी लैब चल रही है और टेक्नीशियन डॉक्टर भी मौजूद है। उन्होंने कहा कि डॉ. सोलेमन और उनकी डॉक्टर पत्नी की नियुक्ति इसलिए की गई है कि फरीदपुर में लोगों को बेहतर इलाज मिल सके। वह किसी प्रकार की भी जांच के लिए तैयार हैं और जो नोटिस दिए गए हैं। उनका जवाब दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सारी दवाई बरेली से खरीदी गई थी, यदि कोई रिएक्शन हुआ है तो किसी भी दवा से ऐसा हो सकता है। ब्यूरो