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पहले विरोध.. अब एनबीसी के लिए लगा रहे दौड़

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बरेली। स्कूलों को मान्यता प्राप्त करने और उसे जारी रखने के लिए नेशनल बिल्डिंग कोड (एनबीसी) के तहत जांच अब अनिवार्य हो गई है। करीब पांच माह पहले जारी हुए नए शासनादेश पर निजी स्कूलों ने खूब आपत्ति जताई, लेकिन जैसे-जैसे आखिरी तिथि नजदीक आ रही है, निजी स्कूल बीएसए दफ्तर पहुंचकर एनबीसी के तहत जांच करने और सर्टिफिकेट जारी करने की गुहार लगा रहे हैं। अब तक 14 स्कूल एनबीसी जांच की मांग कर चुके हैं। तीन स्कूल जांच में पास भी हो गए हैं।
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शासन ने स्कूल संचालकों को मान्यता हासिल करने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत स्कूलों का भवन निजी भूमि पर होना चाहिए। कक्ष हवादार हों, स्कूल भवन भूकंपरोधी, फायर सेफ्टी समेत प्ले ग्राउंड समेत मान्यता हासिल करने की फीस में भी करीब दस गुना तक बढ़ोत्तरी की गई है। नए नियमों के तहत पूर्व में मान्यता प्राप्त कर चुके स्कूलों को भी नए सिरे से मान्यता के नए निर्देशों के तहत प्रमाण पत्र हासिल करना अनिवार्य है। इस आदेश का निजी स्कूल संचालकों ने जमकर विरोध किया। लेकिन सुनवाई न होने पर सभी बैकफुट पर आए और एनबीसी के लिए बीएसए दफ्तर में आवेदन किया। अब तक करीब 14 स्कूलों के आवेदनों पर एनबीसी के तहत जांच चल रही है। वहीं, बीबीएल अलखनाथ, शिवपुरी स्थित जीबी इंग्लिश स्कूल और फरीदपुर एनडी कांवेंट स्कूल इस जांच में पास हो चुके हैं।

नए नियम नहीं मानेंगे तो निरस्त होगी मान्यता
नई गाइडलाइन के तहत मान्यता जारी रखने के लिए जिले के सभी निजी स्कूलों को करीब दो माह पहले प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने निर्देश जारी किए हैं। उसके मुताबिक अक्तूबर के आखिरी हफ्ते तक सभी स्कूलों को मान्यता जारी रखने के लिए नई गाइडलाइन को पूरा करना अनिवार्य है। जिसके अपूर्ण होने परतीन नोटिसके बाद मान्यता रद्द करने की कार्रवाई शुरू होगी।
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