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1000 स्टूडेंट्स का बीएड का रिजल्ट फंसा

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बरेली। दो दर्जन से ज्यादा निजी कॉलेजों की लापरवाही से वहां पढ़ने वाले बीएड के एक हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं के आगे बड़ी दिक्कत आ गई है। कॉलेजों की तरफ से विश्वविद्यालय को प्रैक्टिकल के अंक मुहैया न कराने से इन स्टूडेंट्स का बीएड का रिजल्ट फंस गया है। विश्वविद्यालय ने एक नहीं तीन बार मौका दिया, लेकिन कॉलेजों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसका खामियाजा अब छात्र-छात्राएं भुगत रहे हैं।
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पिछले दिनों रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने बीएड की मुख्य परीक्षा का रिजल्ट जारी किया है। मगर दो दर्जन के करीब निजी कॉलेजों में पढ़ने वाले एक हजार से अधिक छात्र-छात्राओं का रिजल्ट रुक गया। बताया जाता है कि इन कॉलेजों ने विश्वविद्यालय को छात्र-छात्राओं के रिजल्ट के नंबर नहीं भेजे थे। इसके चलते रिजल्ट रोक दिया गया है। निजी कॉलेजों की लापरवाही छात्र-छात्राओं को पहले भी भारी पड़ चुकी है। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय ने इन कॉलेजों को प्रैक्टिकल कराने और उसके अंक भेजने के लिए तीन बार मौका दिया था। कॉलेजों को कई बार चेतावनी भी दी गई, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। कॉलेजों की लापरवाही का खामियाजा अब छात्र-छात्राओं को उठाना पड़ रहा है। रिजल्ट जारी कराने के लिए ऐसे छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी उनका कोई समाधान नजर नहीं आ रहा है।

बीएड एडमिशन में ईडब्ल्यूएस कोटा अधर में
बीएड की प्रवेश प्रक्रिया में गरीब सवर्ण आरक्षण (ईडब्ल्यूएस) कोटा के तहत एडमिशन को अब तक हरी झंडी नहीं मिल सकी है। पिछले दिनों शासन ने बीएड में इसे लागू करने की मंजूरी दी थी, लेकिन तब तक एडमिशन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। ऐसे में विश्वविद्यालय ने ईडब्ल्यूएस के एडमिशन के लिए शासन को पत्र लिखकर प्रवेश तिथि आगे बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका है।
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