बरेली। सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा देने के साथ यूपी बोर्ड में भी टॉप कर लेने के मामले की जांच में ‘मम्मी’ के स्कूल ने अंकित का रिकॉर्ड देने में असमर्थता जता दी है। उन्होंने रिकॉर्ड देने के लिए जांच अधिकारी से तीस दिन का समय मांगा है। जांच में सहयोग के बजाय बाधा बन रहे ‘मम्मी’ के स्कूल के खिलाफ जांच अधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। उन्होंने स्कूल की ओर से अर्पित गंगवार का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने से बचने के मामले में प्रथमदृष्टया स्कूल प्रबंधन को भी दोषी माना है।
पिछले दिनों यूपी बोर्ड परीक्षा में जिले में टॉप टेन की सूची में शामिल अर्पित गंगवार की ओर से एक साथ यूपी और सीबीएसई बोर्ड से परीक्षा देने का मामले प्रकाश में आया। जिसका संज्ञान लेते हुए क्षेत्रीय बोर्ड सचिव ने डीआईओएस से जांच आख्या तलब की। डीआईओएस ने सचिव के आदेश के बावजूद पांच दिनों तक जांच अधिकारी नियुक्त नहीं किया। फजीहत होने पर छठें दिन जीआईसी के प्रिंसिपल राकेश वर्मा को जांच सौंपकर तीन दिन में साक्ष्यों के साथ रिपोर्ट मांगी। जिस पर जांच अधिकारी ने बेदी इंटरनेशनल और नवाबगंज के एसएसटी कॉलेज से अर्पित के रिकॉर्ड मांगे। बेदी इंटरनेशनल स्कूल ने रिकॉर्ड उपलब्ध करा दिए लेकिन एसएसटी कॉलेज ने रिकॉर्ड देने के लिए जांच अधिकारी से तीन दिन का समय मांग लिया। जांच अधिकारी ने तत्काल एसएसटी कॉलेज जो कि अर्पित गंगवार के पिता तुलाराम का स्कूल है और मां उसी कॉलेज में प्रबंधक हैं के इस पत्र से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। जांच अधिकारी राकेश वर्मा के मुताबिक उन्होंने कॉलेज को तत्काल रिकॉर्ड देने को कहा है, अगर कॉलेज रिकॉर्ड नहीं देगा तो वे एसएसटी कॉलेज पहुंचकर रिकॉर्ड खंगालेंगे।