बरेली में बृहस्पतिवार सुबह दो बार धमाके जैसी आवाज से पूरा शहर हिल गया। शहर से लेकर देहात तक के घरों के दरवाजे और खिड़कियां तक हिलने की बात लोगों ने कही और कयासों का सिलसिला शुरू हो गया। किसी ने बादलों का गड़गड़ाहट कहा, किसी ने इसे सोनिक बूम बताया। पिछले साल दो अगस्त को इसी तरह की आवाज आई थी। तब जानकारों से इसे सोनिक बूम बताया था।
भरतौल फायरिंग रेंज के पास भी आवाज सुनकर ग्रामीणों ने सैन्य प्रशिक्षुओं के गोलाबारी का प्रशिक्षण माना। पर सैन्य कर्मियों से पूछा तो उन्होंने गोलाबारी प्रशिक्षण से इन्कार किया। इस रहस्यमयी आवाज पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। गांधी उद्यान पर चार्य विक्रेता नीरज राठौर ने कहा कि यह धमाका सुनकर अनहोनी की आशंका से पार्क में टहलने लाए लोग और राहगीर ठहर गए। हालांकि, गंभीर मामला न होने पर राहत की सांस ली।
सुभाषनगर निवासी राजीव ने कहा कि तेज धमाके की आवाज पर लोग घर से बाहर निकलकर आपस में जानकारी करने लगे। हालांकि, यह आवाज कहां से आई, इस पर असमंजस रहा। प्रकरण पर एयरफोर्स के अधिकारियों और रक्षा जनसंपर्क अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने ऐसी किसी गतिविधि के संबंध में जानकारी से साफ इन्कार किया। तो दूसरी ओर शहरी और ग्रामीण तमाम चर्चाएं करते रहे।