फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जंक खा रहे हैं फिजियोथैरेपी  सेंटर के लाखों के उपकरण 

Mon, 27 Feb 2017 01:25 AM IST
बरेली।  
विज्ञापन
Eating junk physiotherapy Millions of center equipment - फोटो : बरेली, अमर उजाला
विज्ञापन
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के शिक्षा एवं सहबद्ध विज्ञान विभागमें करीब चौदह साल पहले नियमों को दरकिनार कर बीपीएड (बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन) कोर्स शुरू किया गया था। इसके तहत फिजियोथैरेपी सेंटर बनाने के लिए लाखों रुपये के उपकरण और खेल का सामान खरीदा गया। आज यह सामान विभाग के एक कोने में पड़ा जंक खा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन उपकरणों को सड़ने के लिए छोड़ दिया, जबकि इसका उपयोग किया जा सकता था। अब तो कोई शिक्षक भी इस सामान का जिक्र तक नहीं करता।
विज्ञापन

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 2002-3 में शिक्षा एवं सहबद्ध विज्ञान विभागमें बीपीएड कोर्स शुरू किया गया, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने नेशनल काउंसिल फार टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) के मानकों को पूरा नहीं किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कमीशनखोरी के चक्कर में झटपट बीएड विभाग के पीछे करोड़ों की लागत से एक भव्य बिल्डिंग भी तैयार करा ली और उसमें फिजियोथैरेपी सेंटर शुरू करने के लिए एक एजेंसी से लाखों रुपये के उपकरण भी मंगा लिए। छात्रों के खेलने के लिए भी काफी सामान मंगाया गया। एनसीटीई के मानकों पर विश्वविद्यालय बीपीएड कोर्स फेल हो गया और कोर्स बंद करना पड़ा। एक एजेंसी से करीब पांच लाख का सामान मंगाया गया था। उसका भुगतान भी नहीं किया गया। तब से यह सामान विभाग में जंक खा रहा है। हालांकि कई बार प्रयास हुए कि सामान का उपयोग खेलों में और फिजियोथैरेपी के लिए किया जाए, लेकिन इनका उपयोग हो नहीं सका। अब हालात यह है कि यह उपकरण विभाग के एक कोने में सड़ रहे हैं।
 
विभाग में काफी समय पहले बीपीएड कोर्स शुरू किया गया था। एनसीटीई से अनुमति न मिलने के कारण कोर्स बंद गया था। उसी दौरान एक फिजियोथैरेपी सेंटर बनाने के लिए सामान आया था। कोर्स बंद हो गया तो सामान का भी कोई प्रयोग नहीं हो सका।
विज्ञापन
विज्ञापन

- प्रोफेसर एनपी सिंह, डीन शिक्षा एवं सहबद्ध विज्ञान विभाग रुहेलखंड विश्वविद्यालय 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें