बरेली। डायबिटीज (मधुमेह) और हाईपरटेंशन सबसे तेजी से बढ़ रही बीमारियां हैं। पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में यह स्थिति ज्यादा खराब है। शारीरिक गतिविधियां कम होना और नियमित व्यायाम न करना इसकी बड़ी वजहें हैं। अभी आप कम उम्र में हैं, जीवन को अभी से व्यवस्थित करें। किसी खेल को जीवन का हिस्सा बनाएं, संतुलित व पौष्टिक आहार और कम से कम दस मिनट नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
यह बातें अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को राम भरोसे गर्ल्स इंटर कॉलेज में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. श्वेता ने छात्राओं से कहीं। डॉ. श्वेता ने सिर दर्द, सर्वाइकल, पर्सनल हाईजीन जैसे कई मुद्दों पर छात्राओं से बात की। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। इस दौरान प्रधानाचार्य डॉ. मीना जैन, तुषारिका, राखी समेत अन्य शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी
मानसिक स्वास्थ्य से शारीरिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। अपने कॅरिअर पर ध्यान दें। बेहतर खानपान और नियमित व्यायाम आपके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। तनाव में रहना और परेशानियों को साझा न करना पहले अपके मानसिक स्वास्थ्य को बिगाड़ता है, फिर सेहत को भी प्रभावित करता है।
90 फीसदी महिलाएं नहीं करतीं नाश्ता
डॉ. श्वेता ने बताया कि यह सामान्य बात है कि ज्यादातर महिलाएं सुबह नाश्ता नहीं करतीं, लेकिन सेहत के लिहाज से यह बहुत हानिकारक है। जब सुबह के समय हम खाली पेट रहते हैं, तो इसका शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ता है। खाने में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ और फल जरूर होने चाहिए। पनीर, सोयाबीन और अंडा प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं।
-
नियमित आहार में इनका रखें ध्यान
- प्रतिदिन सुबह नाश्ता जरूर करें।
- अंकुरित अनाज नाश्ते में शामिल करें।
- नाश्ते में एक मौसमी फल जरूर खाएं।
- दोपहर के भोजन में दाल, चावल, सब्जी, रोटी और सलाद लें।
- रात काे खाना हल्का खाएं।
- एक गिलास दूध जरूर लें।