ओडीएफ योजना के तहत 2017 में रखवाए गए थे कूड़ेदान, इसके बाद किसी ने नहीं ली सुध, नियमित साफ-सफाई नहीं होने से स्वच्छता अभियान को लगा रहे पलीता, जगह-जगह अव्यवस्था हावी
अलीगंज। मझगवां विकास खंड के अधिकांश गांवों में गंदगी से निजात दिलाने के लिए 2017 में ओडीएफ योजना के तहत सड़क किनारे व गली, मोहल्ले में रखवाए गए अधिकांश कूड़ेदान अब नहीं दिख रहे हैं। लोग घरों से निकले कूड़े आदि सड़क पर ही जहां-तहां लोग फेंक दे रहे हैं। इससे इन रास्तों से गुजरने वाले लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। नियमित साफ-सफाई न होने से स्वच्छता अभियान बस मजाक बनकर रह गया है।
क्षेत्र के मझगवां, अलीगंज, गैनी, शिवनगर, विहारीपुर, खैलम देहजागीर, सत्तारनगर, पांडी आदि गांवों में रखवाए गए कूड़ेदान स्वच्छता अभियान की हकीकत बताने के लिए काफी हैं। कूड़े दान भी है या गायब हो गए, इसे देखने की फुर्सत जिम्मेदारों को नहीं है। गांवों में थोड़े बहुत कूड़ेदान जो भी हैं। उसमें डाले गए कूड़े की महीनों तक साफ सफाई नहीं हो पा रही है। नतीजतन, कूड़े से भरे कूड़ेदानों में लोगों ने अब कूड़ा डालना ही बंद कर दिया है।
अमीर, राम प्रताप आदि ग्रामीणों ने बताया कि यह अव्यवस्था हावी है। कूड़ेदान न होने से लोग इधर-उधर कूड़ा फेंक रहे हैं। कुछ स्थानों पर कूड़ेदान भी है, लेकिन उसकी साफ-सफाई नहीं कराई जा रही है, जिससे संक्रामक रोग फैलने की आशंका रहती है। बीडीओ ने बताया कि यह सभी कूड़ेदान सरकार द्वारा चलाई जा रही ओडीएफ योजना के तहत सन 2017 से लगाए गए थे, जिन्हें ग्राम प्रधानों ने खरीदकर लगाए थे। बड़ी ग्राम पंचायतों में अधिकतर हर चौराहों पर यह कूड़ेदान लगाए गए थे, जबकि छोटी ग्राम पंचायतों के गली-मोहल्लों में भी कूड़ेदान लगाए गए थे।
जांच करने के बाद होगी कार्रवाई: बीडीओ
खंड विकास अधिकारी मझगवां अनुज कुमार का कहना है कि गांव को साफ-सुथरा रखने के लिए सड़क के किनारे व सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े दान रखवाए गए हैं। यह दिखवाना पड़ेगा कि किन-किन गांवों में कूड़ेदान गायब हैं। अगर कूड़ेदान गायब मिलते हैं तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। संवाद