बरेली। असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक पर्व दशहरा इस वर्ष 20 अक्तूबर को मनाया जाएगा। इस बार दशहरा पर्व पर रवि योग का संयोग भी बन रहा है।
पंडित मुकेश मिश्रा ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार, दशहरा मनाने के लिए उदया तिथि के स्थान पर विजय मुहूर्त और प्रदोष काल को विशेष महत्व दिया जाता है। इसी शास्त्रीय मान्यता के आधार पर 20 अक्तूबर को दशहरा मनाया जाना तय किया गया है। अश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि दोपहर 12: 50 मिनट से आरंभ होकर अगले दिन 21 अक्तूबर को दोपहर 2:11 मिनट तक रहेगी।
मान्यता है कि इसी दिन मां दुर्गा ने महिषासुर राक्षस का वध किया था। भगवान श्रीराम ने भी रावण का वध कर लंका पर विजय प्राप्त की थी। दशहरे के इस पर्व पर शस्त्र और शमी पूजन की परंपरा का भी महत्व है। मान्यता है कि पूजा के पश्चात शमी वृक्ष के नीचे दीपक जलाने से विरोधियों पर विजय प्राप्त होती है। संवाद