बरेली सहित प्रदेश की 168 गन्ना समितियों से की गई आयकर की कटौती (टीडीएस) की रकम को वापस लेने के लिए कई साल से गन्ना विभाग ने प्रयास नहीं किए। समीक्षा में यह खुलासा हुआ तो गन्ना आयुक्त ने आठ समितियों के सचिवों को चार्जशीट थमा दी है, 12 सचिवों का वेतन रोक दिया गया है। इनमें बरेली की 17 समिति के 12 करोड़ रुपये हैं। यहां पर इस राशि को वापस लेने की जिम्मेदारी उपायुक्त गन्ना को सौंपी गई है।
गन्ना आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी ने गन्ना समितियों की समीक्षा की तो पता चला कि यह समितियां कई करोड़ से अधिक के कर्जे में हैं। समीक्षा में बताया गया कि टीडीएस की राशि मिलने पर इन समितियों की आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ-साथ किसानों को खाद, बीज आदि की सुविधाएं बढ़ेंगी। क्योंकि आर्थिक तंगी का तर्क देकर यह समितियां अपने किसानों को सुविधाएं नहीं दे रही हैं। बरेली की 17 समितियों में टीडीएस के 12 करोड़ रुपये मिलने पर कर्मचारियों की बकाया राशि का भुगतान होगा। साथ ही यहां के छह लाख किसानों को खाद, बीज आदि के लिए अनुदान भी मिल सकेगा।
उपायुक्त (गन्ना) दिनेश्वर मिश्रा ने बताया कि कमिश्नर के निर्देश पर बरेली की सभी 17 समितियों से काटी गई टीडीएस की राशि को वापस लेने के लिए इनकम टैक्स के वकीलों को लगाया गया है। बरेली, बदायं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, कासगंज, अलीगढ़ तथा एटा के जिला गन्ना अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह इस महीने में रिटर्न दाखिल कराएं । उसके बाद अगले महीने कोशिश होगी कि टीडीएस की यह राशि वापस मिल जाए और उससे जुलाई में समितियों की ओर से कल्याणकारी कार्यों को कराया जा सके।