मीरगंज/ फरीदपुर। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों के साथ-साथ किसानों के अरमानों को भी डूबा दिया। बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। खेतों में फसल पूरी तरह से लोट गई है। पानी भरने से अब यह फसल सड़ने का अंदेशा है।
इससे सबसे ज्यादा परेशान वह किसान है जिन्होंने कर्ज लेकर फसल बोई थी। खेतों में लहलहाती फसल देखकर किसानों को उम्मीद थी कि इस बार कर्ज चुका देंगे। बारिश और ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने के बाद अब यह किसान बैचैन हैं। बारिश के साथ गिरे ओले से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। जिन किसानों के खेतों में गेहूं, सरसों और मिर्च की फसल खड़ी थी वह बारिश और ओलों से पूरी तरह चौपट हो गई। तहसील मीरगंज के गांव नारा फरीदपुर में रहने वाले किसान ललित कुमार, वेदराम, चमन सिंह, नरेन्द्र आदि किसानों की फसलें चौपट हो गयीं। ग्रामीणों ने गांव की चौक में मुआवजे की मांग को लेकर बैठक की। वहीं शेरगढ़ के गांव दौली जवाहर के मुन्नालाल और सूरजपाल आदि के खेतों में पानी भरने से भी गेहूं की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। भाकियू नेता चौधरी विजय पाल सिंह ने सरकार से क्षतिपूर्ति दिए जाने की मांग की है।
दोहरी मार: पहले महंगा डीजल खरीद सिंचाई की अब पानी भरने से फसल बर्बाद
बहेड़ी। शुक्रवार को हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं और सरसों की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। किसान पिछले चार महीने से फसल तैयार करने में खून पसीने एक किए हुए थे, लेकिन अब फसल बर्बाद होते देख बेचैन हो उठे हैं। किसानों को समझ नहीं आ रहा अब वह क्या करें।
परोही गांव निवासी सरदार समर पाल ने बताया इस बार क्षेत्र की ज्यादातर नहरें सूखी पड़ी रही। इस वजह से महंगा डीजल खर्च कर सिंचाई करनी पड़ी। अब ओलावृष्टि और खेतों में पानी भरने की वजह से तैयार फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। इतने पर भी मुसीबत कम नहीं हो रही। खेतों में पानी भरने से अब फसल सड़ने लगी है। मजदूर भी कटाई के लिए तैयार नहीं है। पानी भरने से किसानों को दाना काला पड़ने की आशंका है। ऐसे में न तो यह गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर बिक पाएगा न ही बाजार में इसका अच्छा भाव मिलेगा।
मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने लगाया जाम
- फसल बर्बादी की सूचना देने के बाद भी सर्वे के लिए अधिकारियों के न आने से नाराज थे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
शाही। बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की सूचना देने के बाद भी सर्वे न होने से नाराज किसानों ने शनिवार को शाही- धौरा टांडा रोड पर जाम लगा दिया। किसानों के प्रर्दशन के चलते करीब दो घंटे तक सड़क से आवागमन बंद रहा। तुरंत सर्वे शुरू होने का आश्वासन मिलने के बाद आक्रोशित किसान शांत हुए।
क्षेत्र में शुक्रवार रात बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया। कई घंटे लगातार पानी बरसने से खेतों में पानी भर गया। इससे गेहूं, चना, मटर, मसूर, सरसों की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई। फसल बर्बाद होने की सूचना किसानों ने राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना के बाद भी दोपहर 12 बजे तक अधिकारी सर्वे के लिए नहीं पहुंचे। इससे आक्रोशित किसानों ने धौरा टांडा रोड पर नारा फरीदपुर की पुलिया पर कटा हुआ पेड़ और तख्त रखकर जाम लगा दिया। इसके बाद किसान वहीं बैठकर धरना देने लगे। नारा फरीदापुर, दौली जवाहरलाल, अमौर, केरा, कनुनगला आदि गांवो के सैकड़ों किसानों मौके पर जुट गए। किसानों का कहना था कि प्राकृतिक आपदा में फसल बर्बाद होने के बाद हर बार प्रशासन मुआवजे के नाम पर किसानों के साथ मजाक करता है। पहले तो समय पर सर्वे शुरू नहीं किया जाता। इसके बाद सर्वे के नाम पर भी खिलवाड़ किया जाता है। सिर्फ चहेतों को मुआवजा दिलाकर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर लेते हैं। प्रदर्शन की सूचना पर शाही थाने की पुलिस ने किसानों को समझाने का प्रयास किया मगर वह राजस्व विभाग के अधिकारियों को बुलाने की जिद पर अड़े रहे। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे कानूनगो ब्रजकिशोर कटियार, लेखपाल लोकेंद्र सिंह और चंदन जौली मौके पर पहुंचे। लेखपाल को देखकर किसानों का गुस्सा और भड़क गया। किसानों ने आरोप लगाया कि लेखपाल सुविधा शुल्क लिए बिना कोई काम नहीं करते। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई।
करीब दो बजे नायब तहसीलदार ममता यादव मौके पर पहुंची। उन्होंने किसानों को सर्वे जल्द शुरू कराने और नियमानुसार फसल को हुए नुकसान का आकलन कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त किया। प्रदर्शन करने वाले किसानों में नत्थू लाल, रामप्रसाद, सुखलाल, रामस्वरूप ,लेखपाल, जागन लाल ,विजयपाल, लालता प्रसाद आदि शामिल रहे।
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नारा फरीदापुर के किसान जगदीश प्रसाद ने बताया कि बेटी की शादी 25 अप्रैल को तय है। शादी समारोह के लिए गेहूं काटकर ही इंतजाम करना था। लेकिन 20 बीघा गेहूं ओलावृष्टि से पूरी तरह से नष्ट हो गया। बरातियों का स्वागत कैसे होगा इसके लिए पूरा परिवार परेशान है।
बिलपुर की लेखपाल कॉलोनी निवासी देशराज ने बताया फरीदपुर सहकारी बैंक से दिसंबर में 50 हजार का ऋण लेकर गेहूं की फसल बोई थी। बारिश में फसल बर्बाद होने से अब कर्ज चुकाना भी मुश्किल है।
मुआवजे के लिए एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
नवाबगंज। बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर शनिवार को किसानों ने एसडीएम राजेश चन्द्रा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने पहुंचे किसानों ने बताया सही तरह से सर्वे न होने से बड़ी संख्या में किसान हर बार मुआवजे से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि पूरी पारदर्शिता से सर्वे कराया जाए। एसडीएम ने बताया कि सभी क्षेत्रीय लेखपालों को फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। इस मौके पर संदीप कुमार, राम रतन गंगवार, इशरत अली, इरशाद हुसैन, करतार सिंह, राजेश कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद