फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: गर्मी के असर से बच्चा वार्ड फुल, कम पड़ रहे बेड

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। गर्मी बढ़ने के साथ बच्चों में डायरिया, बुखार समेत सांस संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं। जिला अस्पताल के वार्ड में बच्चों को भर्ती करने के लिए बेड कम पड़ रहे हैं। लिहाजा, एक बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। बच्चों को बेंच पर भर्ती करने तक की नौबत आने लगी है।
विज्ञापन

एडी एसआईसी डॉ. आरसी दीक्षित के मुताबिक, बच्चा वार्ड में 28 बेड निर्धारित हैं। बढ़ती संख्या देखते हुए चार अतिरिक्त बेड भी लगाए गए, फिर भी जगह कम पड़ गई। प्राथमिकता पर बेहद गंभीर बच्चों को ही भर्ती कर रहे हैं। जिनकी हालत ज्यादा गंभीर नहीं है, उन्हें दवा और परामर्श दिया जा रहा है। वार्ड में अतिरिक्त बेड डालने की जगह भी नहीं बची है। इसलिए अभिभावकों की सहमति लेकर एक बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है। बच्चे छोटे हैं, इसलिए बेड पर दो बच्चे भर्ती हो सकते हैं। इलाज के संसाधन अलग हैं। संक्रमण की आशंका नहीं है।
एडी एसआईसी ने बताया कि तेज गर्मी के दौरान खानपान में जरा सी अनदेखी सेहत बिगाड़ सकती है। दूषित पानी से बच्चों में उल्टी-दस्त और संक्रमण के मामले बढ़ने की आशंका रहती है। गर्मी में तपने के बाद घर लौटने पर या बाजार में शीतल पेय पदार्थ सेवन से सांस संबंधी रोग भी बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन


सीएचसी पर बच्चे भर्ती करें तो राहत के आसार
डॉ. दीक्षित के मुताबिक, जिला अस्पताल में बरेली शहर समेत सीएचसी से भी रेफर बच्चे भर्ती किए जाते हैं। जबकि सीएचसी पर गंभीर बच्चों को भर्ती करने और इलाज की व्यवस्था होती है। शनिवार को जिला अस्पताल आए जिलाधिकारी अविनाश सिंह और सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह से यह समस्या साझा की गई। उन्होंने सीएचसी पर बच्चों को भर्ती करने संबंधी दिशा-निर्देश जारी करने के लिए कहा है।
विज्ञापन


बचाव के उपाय
- बच्चों को उबला या साफ पानी पिलाएं। बाहर का खुला, बासी भोजन न दें।
- हाथ साफ रखें। तेज धूप में बच्चों को न भेजें। ओआरएस और पर्याप्त पानी दें।
- सांस लेने में तकलीफ, तेज बुखार या उल्टी-दस्त होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
- शीतल पेय पदार्थ का सेवन करने से बचें। ज्यादा तली-भुनी हुई चीजें न खाएं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें