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यूपी में हवाला रैकेट का खुलासा: चार साल से सक्रिय, कश्मीर से जुड़े तार, दिल्ली के चांदनी चौक से भी है कनेक्शन

Mon, 08 Jun 2026 12:17 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

बरेली पुलिस ने हवाला रैकेट का खुलासा किया है। हवाला नेटवर्क दुबई से संचालित हो रहा था। पुलिस ने 35 लाख रुपये के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह रकम देशभर के विभिन्न राज्यों से खाते में जमा कराई जा रही थी। इसके बाद खाते से नकद रकम निकालकर हवाला नेटवर्क के माध्यम से दिल्ली भेजी जाती थी। 
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hawala network - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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बरेली की बारादरी पुलिस और एसओजी ने संयुक्त कार्रवाई में दुबई से संचालित हवाला नेटवर्क का खुलासा किया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 35 लाख रुपये नकद, दो फर्जी आधार कार्ड और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस मामले में चार नामजद समेत कई आरोपी भागे हुए हैं, जिनकी तलाश जारी है।
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एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि पुलिस को बंद पड़ी कंपनी केजीएन के बैंक खाते में बड़ी रकम जमा होने की सूचना मिली थी। यह रकम देशभर के विभिन्न राज्यों से खाते में जमा कराई जा रही थी। इसके बाद खाते से नकद रकम निकालकर हवाला नेटवर्क के माध्यम से दिल्ली भेजी जाती थी। 

पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर शहर के माधोबाड़ी इलाके में दबिश देकर हजियापुर निवासी जमीर अहमद और राजस्थान निवासी जगदीश चोटिया को पकड़ लिया। पूछताछ में जमीर अहमद ने बताया कि दुबई निवासी अली जीशान ही पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। 
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उसी ने फर्जी कंपनी बनाकर बैंक खाता संचालित करने की सलाह दी थी। कंपनी के खाते में आई रकम को टोकन नंबर के आधार पर लोगों तक पहुंचाया जाता था। इसके बदले कमीशन मिलता था। 

 

जांच में सामने आया कि केजीएन नाम की कंपनी मोईन अली के नाम पर खोली गई थी। यह कंपनी किसी वैध व्यापारिक गतिविधि में शामिल नहीं थी, बल्कि इसका उपयोग केवल हवाला लेन-देन के लिए हो रहा था।

दिल्ली के चांदनी चौक से भी जुड़ा है कनेक्शन
एएसपी शिवम आशुतोष सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जगदीश चोटिया राजस्थान के बीकानेर जिले के गांव नकोदेशर का निवासी है और काफी समय से बरेली के माधोबाड़ी में रह रहा है। पूछताछ में चोटिया ने बताया कि वह चार वर्षों से हवाला कारोबार में सक्रिय है। 

दिल्ली के चांदनी विहार में मोतियों की दुकान खोलकर बैठे लालचंद्र और धम्माराम टोकन सिस्टम के जरिये रकम का भुगतान कराते थे। हवाला नेटवर्क से पैसा भेजने और प्राप्त करने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाती थी। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों और विदेश तक फैले हो सकते हैं।

 

दिल्ली और कश्मीर जाएगी बरेली पुलिस
एसएसपी ने बताया कि पुलिस अब मोईन अली, लालचंद्र, धम्माराम और अली जीशान की तलाश कर रही है। पुलिस बैंक खातों और लेन-देन के रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। इसके लिए संबंधित बैंकों व जीएसटी आदि विभागों में संपर्क करेगी। 

 

बारादरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। बरेली पुलिस की टीम दिल्ली व कश्मीर जाकर भी मामले की पड़ताल करेगी। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
 

दिल्ली के धंधेबाजों को डील करता था चोटिया
आरोपी जगदीश चोटिया ने बताया कि चार साल से बरेली में रहकर वह हवाला का काम कर रहा है। जो सेठ व बड़े लोग बेनामी धन को टैक्स बचाने के लिए इधर से उधर भेजते हैं, उसका कमीशन एक लाख पर तीन सौ रुपया वह जमीर से लेता है।
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जमीर को पांच से दस फीसदी कमीशन मिलने की बात बताई गई। दिल्ली में चांदनी चौक पर मोतियों व नगों का धंधा करने वाले लालचंद व धम्माराम को वह नकद रुपये देकर आता था। वे दिल्ली में टोकन धारक को रकम दे देते है।
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