चार माह पूर्व शहर के सुभाषनगर इलाके में नगर निगम का पंप जमीन के अंदर धंस गया था। चार दिन तक निगम के जलकल इंजीनियरों ने सुध नहीं ली। परेशान लोगों का सब्र जवाब दे गया तो जलकल विभाग ने पंप को रिबोर कराने के बजाय उसमें 40 हार्स पॉवर का सबमर्सिबल रखवाकर चालू करवा दिया। बड़ी आबादी को पानी की आपूर्ति यह सबमर्सिबल नहीं कर पाया। दो हफ्ते से पंप से पानी के साथ बड़ी मात्रा में रेत निकल रही है पार्षद आलोक तायल ने बताया कि वह जलकल इंजीनियरों को पंप खराब होने के बारे में कई बार अवगत करा चुके हैं, फिर भी पंप चालू नहीं कराया गया। पार्षद समेत अन्य क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक, नगर निगम की टंकी के निकट जल निगम ने नई टंकी बनाई है। मोटर न लगने की वजह से इसे चालू नहीं किया गया। पीने का पानी न मिलने से सुभाषनगर, वीर भट्टी, शुगर फैक्ट्री की 60 हजार से ज्यादा आबादी परेशान है। हैंड पंपों पर पानी भरने वालों की लंबी भीड़ लगती है। आटोमेशन में पंप की मोटर अक्सर फुंकने से जनता पीने के पानी के लिए परेशान रहती है।
वर्जन
‘पार्षद से पंप खराब होने की जानकारी मिली थी। टीम भेजकर काम कराया जाएगा। पंप जल्द चालू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।’ -आरबी राजपूत, सहायक अभियंता, जलकल।